
UP By Elections: निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव के साथ देश के 15 राज्यों की 48 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव का ऐलान कर दिया। इसमें उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। तारीखों के ऐलान के बाद से राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
वहीं अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर चुनाव नहीं होंगे, जिस पर पूरे प्रदेश की निगाहें थीं। जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट में दायर याचिका की वजह से मिल्कीपुर में उपचुनाव की तिथि की घोषणा नहीं हो सकी है। मिल्कीपुर के पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा ने 2022 आम चुनाव को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। साल 2022 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद गोरखनाथ बाबा ने अवधेश प्रसाद के चुनाव जीतने को लेकर याचिका दायर की थी। जो अभी अदालत में लंबित है।
अखिलेश यादव ने शायराना अंदाज में सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि जिसने जंग टाली है, समझो उसने जंग हारी है। अयोध्या की मिल्कीपुर सीट सपा और बीजेपी दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है। सपा इस सीट पर अपने प्रत्याशी की भी घोषणा कर चुकी है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्यने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा उपचुनाव की घोषणा का हम स्वागत करते हैं। महाराष्ट्र और झारखंड राज्य विधानसभा के लिए चुनाव 13 और 20 नवंबर को होने हैं। हमारे लिए इससे भी अधिक खुशी की बात उत्तर प्रदेश में नौ सीटों के लिए उपचुनाव की घोषणा की गई है। हमें पूरा विश्वास है कि हरियाणा की जनता ने जिस प्रकार से विकास को अपना समर्थन दिया है, भ्रष्टाचार मुक्त हरियाणा को समर्थन दिया है, उसी प्रकार से महाराष्ट्र और झारखंड की जनता हमें बड़ा जनादेश देगी।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि 2022 विधानसभा चुनाव में मिल्कीपुर सीट से विजयी हुए समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद द्वारा दाखिल किए गए नामांकन में जिस व्यक्ति से नोटरी के हस्ताक्षर कराए गए थे, उसका नोटरी का लाइसेंस पांच साल पहले निरस्त हो चुका था। इस मामले में दो उम्मीदवार गोरखनाथ और राममूर्ति ने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसका अभी तक निस्तारण नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह मामला अदालत में विचाराधीन होने के कारण मिल्कीपुर सीट के लिए उपचुनाव की तिथि नहीं घोषित हुई है।
उत्तर प्रदेशके राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने IANS से बात करते हुए कहा, "उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी पिछले दो-तीन महीने से बहुत मेहनत कर रही है। पार्टी के सदस्यता अभियान की इसमें बहुत बड़ी भूमिका रही है। मेरा मानना है कि पार्टी का प्रत्येक सदस्य पांच अन्य सदस्यों को पार्टी से जोड़ेगा और सभी नौ विधानसभा सीटों पर भारत के वोट शेयर प्रतिशत में तेजी से वृद्धि होगी और हम सभी नौ सीटों पर जीत दर्ज करेंगे।"
विपक्षी महागठबंधन 'इंडिया' को लेकर भाजपा मंत्री ने कहा कि उनके गठबंधन की सिर्फ एक नीति रही है कि "मोदी को हटाओ", लेकिन लोकसभा चुनाव में जनता ने हम पर दोबारा भरोसा जताया। ऐसे में उपचुनाव में भी हमारी जीत होगी। मेरा मानना है कि यह चुनाव आशीर्वाद का चुनाव है।
उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि लोकसभा के चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता को भ्रमित किया गया था, लेकिन अब जनता सबको पहचान चुकी है और विपक्ष की बातों में नहीं आने वाली है। उपचुनाव में यूपी की जनता भाजपा को अपना आशीर्वाद देगी, जिसका परिणाम हमारे पक्ष में आएगा।
समाजवादी पार्टीके प्रवक्ता मनोज यादव ने कहा कि चुनाव आयोग ने यूपी की नौ विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव की घोषणा की है। जबकि, 10वीं सीट पर भाजपा के पूर्व विधायक और मौजूदा प्रत्याशी ने हाईकोर्ट में याचिका डाली है। जिसके कारण इस सीट पर चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है, भाजपा ऐसे स्टंटबाजी क्यों कर रही है।
सपा नेता ने आगे कहा कि जिस सीट की जिम्मेदारी यूपी के मुख्यमंत्री की है और वो 2024 लोकसभा चुनाव के बाद उस सीट पर लगातार मेहनत कर रहे हैं और कई मीटिंग कर चुके हैं। वहां ऐसा स्टंट करना, भाजपा की डर को दिखा रहा है। भाजपा मिल्कीपुर में खत्म हो गई है। भाजपा को इस बात की जानकारी है कि उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर सपा और इंडिया गठबंधन को भारी बढ़त है।
Updated on:
16 Oct 2024, 9:48 AM IST
Published on:
16 Oct 2024, 9:44 AM IST
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