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यूपी में 1 दिसंबर से शुरू होगी जनगणना, पहली बार दर्ज होगी जातिगत जानकारी, पूछे जाएंगे 40 सवाल

UP Caste Census: यूपी में जनगणना 1 दिसंबर से शुरू होगी। पहली बार जातिगत जानकारी दर्ज होगी। घर-घर पहुंचने वाले कर्मचारी करीब 40 सवाल पूछेंगे। 16 से 30 नवंबर तक स्वगणना की सुविधा मिलेगी।
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लखनऊ

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Ankit Sai

•

Updated: 6 Sep 2026, 8:27 AM IST

UP Census

जनगणना 1 दिसंबर से 4 जनवरी 2027 तक चलेगी (AI Photo )

Uttar Pradesh Census: उत्तर प्रदेश में जनगणना को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश में जनसंख्या की गिनती अब 1 दिसंबर 2026 से शुरू होगी और 4 जनवरी 2027 तक चलेगी। इस बार की जनगणना कई मायनों में खास है, क्योंकि पहली बार जाति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। घर-घर पहुंचने वाले कर्मचारी लोगों से करीब 40 सवाल पूछेंगे। इससे पहले 16 से 30 नवंबर तक लोगों को स्वगणना का मौका मिलेगा। पांच जनवरी की रात 12 बजे तक की आबादी को इस गणना में शामिल किया जाएगा।

पहली बार जातिगत जनगणना

जनगणना का दूसरा चरण इस बार कई मायनों में महत्वपूर्ण है। इसमें पहली बार जातिगत जनगणना की जाएगी। गणना के दौरान परिवार और व्यक्ति से जुड़ी अलग-अलग जानकारियां दर्ज की जाएंगी। लोगों से मातृभाषा और दूसरी भाषाओं की जानकारी, डिजिटल साक्षरता, शिक्षा, व्यवसाय, उद्योग, व्यापार और सेवा के स्वरूप से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। इसके अलावा जन्म स्थान, पहले कहां रहते थे और स्थायी निवास के पते की जानकारी भी दर्ज होगी।

40 सवालों के देने होंगे जवाब

गणना के दौरान परिवार में बच्चों की संख्या से लेकर कोविड-19 टीकाकरण के स्थान तक की जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा बैंक खातों की कुल संख्या, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आईडी और पासपोर्ट नंबर, यदि उपलब्ध हो, दर्ज किया जाएगा। ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी। इस चरण में लोगों को अपनी और परिवार की जानकारी सही तरीके से देने पर विशेष ध्यान देना होगा।

स्वगणना की भी मिलेगी सुविधा

घर-घर जाकर गणना शुरू होने से पहले नागरिकों को स्वगणना का मौका दिया जाएगा। 16 से 30 नवंबर तक लोग अपनी और परिवार से जुड़ी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। जनगणना निदेशालय के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर जनगणना कर्मियों का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। उत्तर प्रदेश में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण 16 सितंबर से शुरू होगा और इसी महीने इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

विधानसभा चुनाव के कारण बदला कार्यक्रम

पहले जनगणना के दूसरे चरण का कार्यक्रम 9 से 28 फरवरी 2027 तक तय किया गया था। इसके लिए 1 मार्च 2027 को संदर्भ तिथि निर्धारित की गई थी। लेकिन अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। अब जनगणना का यह चरण पहले ही पूरा कराने का फैसला लिया गया है।

पहले चरण में छह करोड़ मकानों का सूचीकरण

उत्तर प्रदेश में जनगणना का पहला चरण 22 मई से 20 जून तक पूरा किया गया था। इस चरण में मकानों का सूचीकरण किया गया। इससे पहले 7 से 21 मई तक लोगों को स्वगणना की सुविधा दी गई थी। पहले चरण में करीब पांच लाख कर्मचारियों ने जिम्मेदारी संभाली थी। प्रदेश के करीब 1.04 लाख गांवों और 14,983 वार्डों में स्थित 3,90,717 मकान सूचीकरण ब्लॉकों में यह काम पूरा किया गया। इस दौरान करीब छह करोड़ मकानों का सूचीकरण हुआ। एक परिवार में औसतन पांच सदस्य मानने पर इससे प्रदेश की आबादी करीब 30 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।