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UP College Exams 2021 : यूपी में बिना परीक्षा दिए प्रमोट किये जाएंगे यूजी-पीजी के 30 लाख छात्र, फाइनल इयर के होंगे एग्जाम

UP College Exams 2021- उत्तर प्रदेश में यूजी के फर्स्ट व द्वितीय वर्ष के छात्र और पीजी के फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स को बिना परीक्षा पास करा दिया जाएगा, जबकि यूजी-पीजी के फाइनल इयर के एग्जाम होंगे
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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

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Updated: 22 May 2021, 1:20 PM IST

UP College Exams 2021

यूपी कॉलेज परीक्षा 2021 के बारे में अधिक जानकारी के लिए छात्र अपने सम्बंधित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से संपर्क करें।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. UP College Exams 2021. कोरोना महामारी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने अंडर ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट के UP College Semester Exams 2021 रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद यूजी-पीजी के करीब 30 लाख छात्र बिना परीक्षा के उत्तीर्ण कर दिये जाएंगे। आधिकारिक घोषणा के मुताबिक, यूजी के फर्स्ट व द्वितीय वर्ष के छात्र और पीजी के फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स को बिना परीक्षा पास करा दिया जाएगा, जबकि यूजी-पीजी के फाइनल इयर के एग्जाम होंगे। यूपी कॉलेज परीक्षा 2021 के बारे में अधिक जानकारी के लिए छात्र अपने सम्बंधित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से संपर्क करें।

उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्रों को अगली कक्षा में प्रोन्नत करने के बारे में शासन को सलाह देने के लिए कुलपतियों की तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी। समिति ने शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में लगभग 30 लाख अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट प्रथम वर्ष के छात्रों को बिना परीक्षा कराये प्रमोट करने की बात कही गई है। साथ ही बीते वर्ष की तरह अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं कराने की सिफारिश की गई थी।

समिति ने सौंपी रिपोर्ट
UP College Exam 2021 को लेकर तीन कॉलेजों के कुलपतियों की एक समिति बनाई गई थी, जिसमें विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों को प्रमोट करने का रोडमैप तैयार किया गया है। यूपी कॉलेज परीक्षा 2021 को लेकर समिति ने उच्च शिक्षण संस्थान के हर पहलू पर मंथन किया, प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के परामर्श के बाद रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रथम वर्ष के अंक द्वितीय वर्ष की परीक्षा के अंकों के आधार पर निर्धारित किए जाएंगे। तीन सदस्यीय समिति में छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय, महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली के कुलपति प्रोफेसर कृष्णपाल सिंह शामिल थे।

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