
Jila Panchayat Adhyaksh Election 2021 : कहीं धनबल तो कहीं बाहुबल का जोर, जीत के दावे चहुंओर
हरिओम द्विवेदी
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. Jila Panchayat Adhyaksh Election 2021. यूपी में जिला पंचायत अध्यक्ष (Jila Panchayat Adhyaksh) की कुर्सी के लिए जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है। जिलों में अपनी सरकार बनाने के लिए राजनीतिक पार्टियां साम दाम दंड भेद के फॉर्मूले पर फोकस कर रही हैं। सबकी नजर निर्दलीयों पर है। क्योंकि, प्रदेश के करीब 60 जिलों में निर्दलीयों के हाथ में सत्ता की चाभी है। जिला पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाये जा रहे हैं। प्रलोभन के साथ-साथ धमकाया भी जा रहा है। ऐसा ही एक जौनपुर जिले का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें संभावित प्रत्याशी का समर्थक वोट के बदले 50 लाख रुपए तक देने का दावा कर रहा है। वोट नहीं देने पर रासुका लगाकर जेल भिजवाने की भी धमकी दे रहा है। सूत्रों की मानें तो कई जिलों में एक वोट की कीमत एक से डेढ़ करोड़ तक पहुंच गई है वहीं, कई ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी एक वोट के बदले क्षेत्र पंचायत सदस्यों को एक से 10 लाख रुपए तक देने को तैयार हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसा पहली बार नहीं है जब इन पदों के लिए धनबल और बाहुबल का इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि, सख्त चुनाव आयोग का दावा है कि जिला पंचायत अध्यक्षों व ब्लॉक प्रमुखों का निर्वाचन लोकतांत्रिक तरीके से ही होगा।
जौनपुर : 'वोट दिया तो 50 लाख वरना 10 किलो गांजे के साथ भेजेंगे जेल'
जौनपुर जिले में बीते दो दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल (Viral Video) हो रहा है। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष पद के संभावित प्रत्याशी का समर्थक कुछ लोगों के बीच में खुलेआम कह रहा है कि 'हमारे प्रत्याशी ने कहा है कि अगर धनंजय सिंह जिला पंचायत सदस्यों को 20 लाख रुपए देंगे तो हम 30 लाख देंगे, अगर वह 30 देंगे तो हम 40 और वह 40 देंगे तो हम 50 लाख रुपये देंगे। जो वोट नहीं देंगे उनके लिए कप्तान साहब पांच कुंतल गांजा भी रखे हुए हैं। एक-एक लोगों को 10-10 किलो गांजा रखकर रासुका लगाकर जेल भेजा जायेगा। वह नहीं मिले तो उनके माई बाबू जेल जाएंगे।' सपा का दावा है कि यह वीडियो भाजपा के संभावित प्रत्याशी के समर्थक का है। अपर जिलाधिकारी (भू एवं राजस्व) राज कुमार द्विवेदी ने कहाकि वीडियो देखकर जांच करने के बाद कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसपी देहात त्रिभुवन सिंह ने ऐसे किसी वीडियो के संज्ञान में होने से इनकार कर दिया।
मेरठ : निर्दलीयों व दूसरी पार्टी के जीते बागी उम्मीदवारों पर नजर
मेरठ (Meerut) में भाजपा ने निर्दलीय और अन्य पार्टियों के ऐसे बागी उम्मीदवारों पर डोरे डाल रही है जो जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीते हैं। पार्टी ने दो नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को भाजपा में शामिल कराया है। इनमें एक वार्ड 28 से जीतीं पूनम शर्मा हैं तो दूसरे वार्ड 32 से विकास उपाध्याय हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को भाजपा में हराने के लिए विपक्षी दल एकजुटता तो दिखा रहे हैं, लेकिन सभी जिले में अपना अध्यक्ष चाहते हैं। सपा और रालोद में प्रत्याशी चयन को लेकर बैठक हुई। इसमें रालोद, सपा और बसपा के अलावा निर्दलीय मिलाकर 17 जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे। मेरठ में जिला पंचायत सदस्य 28 हैं। इनमें से रालोद और बसपा के आठ-आठ, सपा के सात एवं पांच निर्दलीय हैं।
आजमगढ़ में शह-मात का खेल जारी
आजमगढ़ (Azamgarh) में जिला पंचायत सदस्य की 84 सीटों में सर्वाधिक 25 सीटें सपा के खाते में गई हैं। 14 सीट जीतकर बसपा दूसरे और 11 सीटें जीतकर बीजेपी तीसरे नंबर पर है। 27 सीटें निर्दलीय जीते हैं। इसके अलावा एआईएमआईएम, कांग्रेस, उलेमा कौंसिल, अपना दल, आम आदमी पार्टी और सुभासपा ने 1-1 सीट जीती है। आजमगढ़ में 25 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी सपा बहुमत से 18 सीट दूर है। पार्टी ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं वहीं, बीजेपी का दावा है कि पार्टी के पास 24 जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन है। ऐसे में निर्दलीय निर्णायक भूमिका निभाएंगे। निर्दलीयों को अपने खेमे में लाने के लिए सभी दल गुणा-भाग में जुटे हैं।
सुलतानपुर : बाहुबली यशभद्र सिंह को पुलिस ने किया था गिरफ्तार
सुलतानपुर (Sultanpur) में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बीते वर्ष भी धनबल और बाहुबल के इस्तेमाल की खबरें आई थीं। अभी प्रत्याशी घोषित नहीं होने से फिलहाल सौदेबाजी की बात सामने नहीं आ रही है। हालांकि, इसौली विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बाहुबली चन्द्रभद्र सिंह सोनू और पूर्व ब्लॉक प्रमुख बाहुबली यशभद्र सिंह मोनू की बहन वार्ड नम्बर 24 से विजयी प्रत्याशी अर्चना सिंह निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगी। बीते दिनों उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, मोनू सिंह और उनके 11 अन्य साथी ने जीते हुए जिला पंचायत सदस्यों को प्रलोभन देने के लिए चार गाड़ियों से उनके घर गए हुए थे।
फर्रूखाबाद : जिला पंचायत सदस्यों को 80 लाख रुपए की पेशकश
फर्रूखाबाद (Farrukhabad) जनपद में जिला पंचायत सदस्य की कुल 37 सीटें हैं। इनमें से 20 पर निर्दलीय, 8 पर सपा, 5 पर बसपा, तीन पर भाजपा और एक पर जनाधिकारी पार्टी समर्थित उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी। जनपद में बीजेपी और सपा जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने का दावा कर रही हैं। अभी किसी भी दल ने प्रत्याशी नहीं घोषित किए हैं। सूत्रों की मानें फर्रूखाबाद में जिला पंचायत सदस्य के लिए 80 लाख रुपए और बीडीसी को 04 लाख रुपए तक की पेशकश की जा रही है। फिलहाल, पुलिस और चुनाव आयोग सतर्क है।
उन्नाव : सपा ने किया जीत का दावा
उन्नाव (Unnao) जनपद में ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर फिलहाल चर्चा भी नहीं हो रही है। शुरुआती दिनों में मीटिंग हुई थी, लेकिन अब वह भी बंद है। राजनीतिक पार्टियां तारीख का इंतजार कर रही हैं। भाजपा से शकुन सिंह की चर्चा है। लेकिन डगर आसान नहीं है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख अरुण सिंह की साक्षी महाराज के साथ नजदीकियां जग जाहिर हैं। जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी जोरदार तरीके से चुनाव लड़ेगी और अपना अध्यक्ष बनाएगी। उन्नाव में कुल जिला पंचायत सदस्य की कुल 51 सीटें हैं। सपा समर्थित उम्मीदवारों ने 21 सीटें और भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 09 सीटें जीती हैं। कुल 20 निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं।
अयोध्या : 10 से 25 लाख तक का ऑफर
अयोध्या (Ayodhya) जनपद में जिला पंचायत सदस्यों की संख्या 40 है। मुख्य मुकाबला सपा-बसपा में है। समाजवादी पार्टी का दावा है कि उसके पास 22 पंचायत सदस्यों की संख्या है। सूत्रों की माने तो जिला पंचायत अध्यक्ष में काबिज होने के लिए जिला पंचायत सदस्यों की गुपचुप तरीके से बोली लगाई जा रही है। एक वोट के बदले 10 लाख से 25 लाख तक का ऑफर दिया जा रहा है।
बस्ती : बीडीसी के प्रमाण पत्र जमा कर रहे दबंग
बस्ती (Basti) जिले में खरीद-फरोख्त का दौर चल रहा है। ब्लॉक प्रमुख पद के दबंग दावेदार बीडीसी सदस्य के प्रमाण पत्र को अपने पास जमा करवा रहे हैं। एक बीडीसी की कीमत एक लाख से शुरू हो रही है। मंगलवार को एक बीडीसी के प्रमाण पत्र को लेकर प्रमुख दावेदार ने मारपीट की। बीडीसी के पास धमकी भरा ऑडियो भी है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है वहीं, मुलायम के गढ़ इटावा में संभावित ब्लॉक प्रमुख द्वारा एक वोट के बदले 05 से 20 लाख रुपए तक देने की बात कही जा रही है।
जिला पंचायत : सपा सबसे बड़ी पार्टी
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav 2021) में जिला पंचायत सदस्य के 3050 पदों के लिए हुए चुनाव हुए थे। इसमें से सपा को 747, बीजेपी को 666, बसपा को 322, कांग्रेस को 77 और आम आदमी पार्टी को 64 सीटें मिली हैं। 1100 से ज्यादा सीटें निर्दलीयों व अन्य के खाते में आई हैं। 07 जिला पंचायत सदस्य निर्विरोध चुने गये थे। यूपी पंचायत चुनाव में सपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। तमाम तैयारियों के बावजूद बीजेपी दूसरे नंबर पर है।
Updated on:
26 May 2021 06:22 pm
Published on:
26 May 2021 06:00 pm
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