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UP MLC Chunav : दो सीटों पर दिलचस्प रहेगा मुकाबला, 09 सीटों पर बीजेपी की जीत पक्की

- समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगना तय, रिक्त हो रहीं छह सीटें के बदले बमुश्किल जीत सकती है दो सीटें- UP MLC Chunav के लिए 28 जनवरी को मतदान होगा, चुनाव परिणाम भी उसी दिन आ जाएगा
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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

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Updated: 7 Jan 2021, 4:05 PM IST

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30 जनवरी को उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 12 सीटें खाली हो रही हैं

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव (UP MLC Chunav) की अधिसूचना जारी होते ही सियासी गुणा-भाग शुरू हो गया है। 30 जनवरी को उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 12 सीटें खाली हो रही हैं। इनमें छह सीटें समाजवादी पार्टी की, तीन भारतीय जनता पार्टी और दो बहुजन समाज पार्टी की हैं। विधायकों के संख्या बल के हिसाब से समाजवादी पार्टी सिर्फ एक कैंडिडेट को ही राज्यसभा भेज पाएगी, जबकि बीजेपी के 09 कैंडिडेट आसानी से जीत जाएंगे। माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी जोड़तोड़ के सहारे अपना दूसरा कैंडिडेट जिताने की कोशिश करेगी। बीजेपी भी 10वें कैंडिडेट को जिताने की पूरी कोशिश करेगी। ऐसे में अगर बसपा भी अपना कैंडिडेट भी मैदान उतारती है तो दो सीटों पर दिलचस्प लड़ाई देखने को मिल सकती है।

एमएलसी के एक कैंडिडेट को जिताने के लिए करीब करीब 33.5 वोटों की दरकार है। इस प्रकार से यूपी की एक सीट के लिए करीब 34 विधायकों के वोट चाहिए। कुल रिक्त सीटों की संख्या को कुल विधायकों की संख्या से भाग करने पर आये भागफल की संख्या के बराबर एक विधान परिषद सदस्य को वोट चाहिए। उत्तर प्रदेश में कुल 402 विधान सभा सदस्य हैं और 12 विधान परिषद सीटों पर चुनाव हैं। ऐसे में 402 को 12 से भाग देने पर 33.5 आता है।

अपना दल (09) को मिलाकर बीजेपी के पास कुल 320 विधायक हैं। एक सीट जीतने के लिए चाहिए 33.5 वोट। ऐसे में 9 कैंडिडेट को जिताने के बाद बीजेपी के पास 19 वोट बचेंगे। रालोद को मिलाकर सपा के कुल 49 वोट हैं। एक सदस्य को जिताने के बाद उसके पास 15 वोट बचेंगे। अगर बीजेपी ने अपना 10वां कैंडिडेट जिताने के लिए 16 वोटों की दरकार होगी। ऐसे में बीजेपी के पास दो विकल्प होंगे या तो उसे बसपा का समर्थन मिले या वह बसपा को समर्थन दे। वहीं, सपा को दूसरा कैंडिडेट जिताने के लिए 18 वोट चाहिए। ऐसे उसे जोड़तोड़ के अलावा कांग्रेस, सुभासपा और निर्दलीयों के वोट चाहिए होंगे।

28 जनवरी को रिजल्ट
एमएलसी चुनाव के लिए 11 जनवरी से 18 जनवरी तक नामांकन होंगे। 19 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 21 जनवरी को नाम वापसी होग। 28 जनवरी को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा। परिणाम भी उसी दिन आ जाएगा।

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30 जनवरी को इनका खत्म हो रहा कार्यकाल
1. स्वतंत्र देव सिंह- भाजपा
2. डॉ. दिनेश शर्मा- भाजपा
3. लक्ष्मण प्रसाद आचार्य- भाजपा
4. साहब सिंह सैनी- सपा
5. अहमद हसन- सपा
6. आशु मलिक- सपा
7. रमेश यादव- सपा
8. राम जतन- सपा
9. वीरेंद्र सिंह- सपा
10. धर्मवीर सिंह अशोक- बसपा
11. प्रदीप कुमार जाटव- बसपा
12. नसीमुद्दीन सिद्दीकी (दलबदल कानून के तहत सदस्यता छीन ली गई थी)

डॉ. दिनेश शर्मा व स्वतंत्र देव बनेंगे दोबारा एमएलसी
30 जनवरी को उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इसके अलावा नेता सदन अहमद हसन का भी कार्यकाल पूरा हो रहा है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस बात पर सहमति बन गई है कि सरकार में डिप्टी सीएम और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को दोबारा एमएलसी बनाया जाएगा। वाराणसी के लक्ष्मण आचार्य को भी दोबारा उच्च सदन भेजा जा सकता है।

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