
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. UP Population Cantrol bill 2021-30. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसके मुताबिक, दो से ज्यादा बच्चों के माता-पिता स्थानीय चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। सरकारी और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से भी वह वंचित रहेंगे। उत्तर प्रदेश जनसंख्या विधेयक 2021 पर देश भर में बहस छिड़ी है। सवाल भी उठ रहे हैं कि अगर यह जनसंख्या कानून यूपी विधानसभा चुनावों में लागू हो जाए तो क्या होगा? उत्तर प्रदेश विधानसभा की वेबसाइट उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बीजेपी के 50 फीसदी विधायक ऐसे हैं, जिनके दो से अधिक बच्चे हैं। यह कानून आया तो फिर ये विधायक आगे चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित हो जाएंगे।
यूपी विधानसभा की वेबसाइट पर कुल 397 विधायकों की प्रोफाइल अपलोड है। इनमें से बीजेपी के 304 विधायक हैं। प्रोफाइल के मुताबिक, बीजेपी के 152 यानी आधे विधायक ऐसे हैं, जिनके दो से ज्यादा बच्चे हैं। इनमें एक बीजेपी विधायक के आठ और दूसरे के सात बच्चे हैं। आठ विधायकों के छह-छह और 15 विधायकों के पांच-पांच बच्चे हैं। 44 विधायकों के चार-चार, 83 विधायकों के तीन-तीन और 103 विधायकों के दो-दो बच्चे हैं जबकि 34 विधायकों को एक-एक बच्चा है। 15 विधायक ऐसे हैं जिनका एक बच्चा है। कई विधायक ऐसे भी हैं जिन्होंने बच्चों की जानकारी नहीं दी है।
अखिलेश यादव और राजनाथ के तीन-तीन संतानें
अगर बात करें यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों की तो वर्तमान में राजनीति में सक्रिय अखिलेश यादव, राजनाथ सिंह और जगदम्बिका पाल की तीन-तीन संतानें हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और एनडी तिवारी की 1-1 संतानें हुईं। मुलायम सिंह यादव और वीपी सिंह यादव के दो-दो बच्चे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री राम प्रकाश गुप्ता के 5 और राम नरेश यादव के 8 बच्चे हैं। पूर्व मुख्यमंत्रियों में सबसे ज्यादा 10 बच्चे स्वर्गीय बनारसी दास के थे। इसके अलावा वीर बहादुर सिंह, मायावती और योगी आदित्यनाथ उन मुख्यमंत्रियों की लिस्ट में शुमार हैं, जो अविवाहित हैं।
Updated on:
14 Jul 2021, 3:06 PM IST
Published on:
14 Jul 2021, 2:06 PM IST
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