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अटल को श्रद्धांजलि के बाद विधानसभा सत्र 27 तक स्थगित

मानसून सत्र में पहले दिन ही ले लिया गया ये बड़ा फैसला, सपा नेताअों ने बाहर लगाए एेसे नारे
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लखनऊ

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Ruchi Sharma

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Updated: 23 Aug 2018, 12:38 PM IST

UP Vidhansabha

मानसून सत्र में पहले दिन ही ले लिया गया ये बड़ा फैसला, सपा नेताअों ने बाहर लगाए एेसे नारे

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में विधानमंडल का मानसून सत्र आज यानी गुरुवार शुरू हुआ। पहले दिन विधानसभा और विधान परिषद में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश किया गया। सदन सभी दलों के नेताओं ने अटल जी को श्रद्धांजलि दी। जिसके बाद सदन की कार्यवाही 27 अगस्त यानी सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

अटल जी ने लिए देशहित के कड़े निर्णय : सीएम योगी

नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी ने देश हित में कड़े निर्णय लिए। उन्होंने जीवनी पत्र पत्रिकाओं का सफल संपादन किया। अटल बिहारी वाजपेयी सदन में जब भी बोलते थे तो उनकी बातों को विपक्ष भी गंभीरता से लिया करता था। अटल बिहारी वाजपेयी जी ने मातृभाषा हिंदी को भी एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने का काम किया था। राजनीतिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में योगदान के लिए अटल बिहारी वाजपेयी जी को भारत रत्न, पद्म भूषण जैसे अनेक सम्मान से विभूषित किया गया। अटलजी के निधन से भारत ने अपना एक सपूत खो दिया है।

हृदय नारायण दीक्षित का बयान

विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि अटलजी हमेशा सभी के रहे और सभी को ऊपर उठाने का प्रयास किया। अटलजी ने अपनी लाइन में भी कहा है कि हे प्रभु मुझे इतनी ऊंचाई मत देना की गैरों को गले न लगा सकूं। विपक्ष के रूप में भी अटलजी के तौर-तरीकों का अनुसरण करना जरूरी है। हम सभी ने सदन में देखा और पाया वह कटुवाणी का इस्तेमाल कभी नहीं करते थे। हम लोग अक्सर उनके विचारों को सुनकर ठहाका लगाया करते थे। अटलजी पक्ष और विपक्ष सभी कि अच्छे कामों की हमेशा सराहना करते थे। वे जब भी कुछ कहते थे उसका बड़ा मतलब होता था। अटलजी हमेशा एक सफल पत्रकार कवि और राजनेता के रूप में याद किए जाएंगे।

सपा नेताओं ने लगाए नारे

बता दें कि मानसून सत्र के पहले ही दिन सदन के बाहर सपा नेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस दौरान प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने ‘दलित विरोधी ये सरकार, कानून व्यवस्था ध्वस्त है योगी बाबा मस्त हैं’ के नारे लगाए। सपा नेताओं ने प्रदेश सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार दिया।