
वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद बीते कुछ दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है। वाराणसी कोर्ट के आदेश के बाद मस्जिद के अंदर सर्वे हुआ। सर्वे में मिले पत्थर को जहां हिन्दू धर्म के लोग शिवलिंग बता रहे है। वहीं, मुस्लिम पक्ष ने उनके दावे को नकार दिया और कहा कि जिसे हिंदू पक्ष शिवलिंग बता रहा है, वह केवल एक फव्वारा है। वहीं इस मामले पर वीएचपी प्रवक्ता विनय शंकर तिवारी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आप अगर सड़क पर नमाज अदा करते हैं तो सड़क को मस्जिद कहने लगेंगे? आप अगर हवाई जहाज में नमाज अदा करते हैं तो हवाई जहाज को मस्जिद कहने लगेंगे क्या?
1991 में होती थी पूजा
बता दें, कि वीएचपी प्रवक्ता विनय शंकर तिवारी ने ये सारी बातें एक न्यूज डिबेट में कहीं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जुमे की नमाज के लिए 20 लोगों की संख्या तय की थी, लेकिन 700 से अधिक लोग नमाज के लिए पहुंच गए। ऐसे में कहां आराजकता है, सबको पता चल गया है। उन्होंने 1945 और 1991 का जिक्र करते हुए कहा कि यहां 1945 में भी पूजा होती थी और 1991 में भी पूजा की गई जिसे शासन की तरफ से बाद में बंद करा दिया गया।
कार्यवाही संविधान के अनुसार
उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट जो भी कार्यवाही कर रहा है, वह कार्यवाही संविधान के अनुसार हो रही है। यदि मस्जिद में सर्वे किया जा रहा है तो वह कोर्ट के आदेश के बाद ही हुआ। सर्वे हुआ और सर्वे में वह सब कुछ खुल गया, जो शिव भक्त कहते थे। सर्वे में शिवलिंग भी आ गया, सर्वे में वह छत भी आ गई, तो अब तो कुछ बचा ही नहीं है।
हिंदुओं को मिले मंदिर
वीएचपी प्रवक्ता ने सवाल किया कि क्या आप अगर सड़क पर नमाज अदा करते हैं तो सड़क को मस्जिद कहने लगेंगे? आप अगर हवाई जहाज में नमाज अदा करते हैं तो हवाई जहाज को मस्जिद कहने लगेंगे क्या? मैं कहता हूं कि वो बाबा विश्वनाथ की जगह है। वहां पर पूजा की इजाजत मिलनी चाहिए। पूरी जगह बाबा विश्वनाथ की है, मंदिर की है और वह हिंदुओं को मिलना चाहिए।
ओवैसी ने कहा था ये
गौरतलब है कि पिछले दिनों कोर्ट के फैसले के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्थानीय डीएम याचिकाकर्ताओं का सहयोग कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि धार्मिक अनुष्ठान की अनुमति दें, तो इसमें तालाब से वजू शामिल है। जब तक वज़ू न करे तब तक नमाज़ नहीं पढ़ी जा सकती। फव्वारा संरक्षित किया जा सकता है लेकिन तालाब खुला होना चाहिए।
Published on:
22 May 2022, 8:49 AM IST
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