
योगी सरकार भट्टा मालिकों को बड़ी राहत दी है।
उत्तर प्रदेश में ईंट और मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए साधारण मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसें में योगी सरकार ने पट्टा धारकों को बड़ी राहत दी है। बिहार और हरियाणा की तर्ज पर अब यूपी में भी दो मीटर तक की मिट्टी की खुदाई कर सकेंगे। ये खनन संहिता के तहत नहीं आएगी। हालांकि, इसके लिए शर्त भी है कि पट्टा धारक को मिट्टी की खुदाई हाथ से करनी होगी।
मंगलवार को योगी कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया है। कैबिनेट ने भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग से जुड़े प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए उत्तर प्रदेश उपखनिज (परिहार) नियमावली-2023 में संशोधन की स्वीकृति दे दी है। नियमावली में संशोधन के तहत नियमों को लचीला बनाया गया है।
रजिस्ट्रेशन की वजह से अब नहीं समाप्त होगा पट्टा
पट्टा धारक के भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया को भी सहज बनाया गया है। धारक द्वारा देने वाली राशि के भुगतान के लिए अब चतुर्थ और पंचम सूची में बार- बार संशोधन की आवश्यकता नहीं होगी। इसके जगह समय- समय पर जारी शासनादेश से ही देय धनराशि का भुगतान किया जा सकेगा। तीन माह के अंदर रजिस्ट्रेशन न कराने की वजह से अब पट्टा भी समाप्त नहीं होगा।
इस संशोधन से मालिकों को मिलेगी राहत
पट्टा धारक की मृत्यु की दशा में अब उसके उत्तराधिकारी के पक्ष में पट्टा माना जाएगा। सरकार के इस फैसले से ईंट और बर्तन कारोबार से जुड़े व्यापारियों को आसानी मिलेगी। उन्हें उप खनिज की उपलब्धता सहजता से होगी। नियमावली में संशोधन से सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। यह संशोधन गजट प्रकाशन की तिथि से लागू होगा।
Updated on:
12 Oct 2023, 4:11 PM IST
Published on:
12 Oct 2023, 4:11 PM IST
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