
महासमुंद . जिला जेल से पांच विचाराधीन बंदी गुरुवार को 3.30 बजे दीवार फांद कर फरार हो गए। बंदी लूट, डकैती और बलात्कार के आरोपी थे। बंदियों के फरार होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने चारों तरफ नाकेबंदी की। अभी तक किसी भी बंदी के पकड़े जाने की सूचना नहीं मिली है।
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फरार बंदी में चार महासमुंद जिले के हैं और एक यूपी का रहने वाला है। चार आरोपियों को 2019 में और एक को 2020 में जेल में लाया गया था। जेलर आरएस सिंह ने बताया कि धनसाय पिता शोभाराम (32), डमरूधर पिता बजारू (24), राहुल पिता केदार (22), दौलत पिता मनोज (23) और करण पिता आशाराम (21) फरार हो गए हैं। बताया जाता है कि दीवार फांदकर भाग रहे थे, तब जेल प्रहरियों ने उन्हें दौड़कर पकडऩा चाहा, लेकिन वे भागने में सफल रहे।
मौके पर पहुंचे थे पुलिस अफसर
जेल से बंदियों के फरार होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर व अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। मौके पर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फरार बंदी देररात तक पकड़े नहीं गए हैं। बंदियों को जेल से फरार होने की घटना के बाद जेल की सुरक्षा को सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
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जेल मंत्री ने दिए जांच के निर्देश
जेल मंत्री ताम्रध्वज साहू ने महासमुंद जेल ब्रेक की जांच करने के निर्देश जेल प्रशासन को दिए है। गुरूवार को उन्होंने घटना की जानकारी मिलने पर जेल डीजी संजय पिल्लै से टेलीफोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने घटना की बारीकी से जांच कराने और फरार होने वाले 5 कैदियों की पतासाजी के लिए टीम बनाकर त्वरित कार्रवाई करने कहा है। वहीं जेल डीआईजी केके गुप्ता ने महासमुंद जेलर रामाशंकर सिंह से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज, घटना का विवरण और तैनात कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई है।
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