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आरक्षकों की सराहनीय कोशिश ने बिछड़ी मां को बेटे से मिलाया, शासकीय खर्च पर होगा उपचार

जिला पुलिस में कार्यरत दो आरक्षकों ने एक विक्षिप्त महिला को उसके परिवार से मिलाया। विक्षिप्त महिला अपने बेटे मिलकर भाव विभोर हो गई।
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महासमुंद

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Bhawna Chaudhary

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Updated: 1 May 2019, 10:00 PM IST

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आरक्षकों की सराहनीय कोशिश ने बिछड़ी मां को बेटे से मिलाया, शासकीय खर्च पर होगा उपचार

महासमुंद. जिला पुलिस में कार्यरत दो आरक्षकों ने एक विक्षिप्त महिला को उसके परिवार से मिलाया। विक्षिप्त महिला अपने बेटे मिलकर भाव विभोर हो गई। विक्षिप्त महिला जिला चिकित्सालय के परिसर के एक किनारे में मानसिक उलझनों में फंसी पड़ी थी।

इसी दौरान आरक्षक प्रकाश सिंह ठाकुर और अनिल यादव अपने निजी कार्य से जिला चिकित्सालय गए थे। जहां देखा कि एक विक्षिप्त महिला परेशान है। ऐसे में दोनों जवानों ने मरीजों के साथ मौजूद महिला परिजनों के माध्यम से उक्त महिला के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया। उक्त महिला ने अपनी टूटी-फूटी भाषा में बहुत से नाम, गांव, परिचय और कई बातों का जिक्र किया।

गांव का नाम कभी कोरासी, तो कभी पचरी बताती थीं। दोनों आरक्षकों ने परिजनों की खोज शुरू की एवं जिला अस्पताल में ड्यूटीरत महिला नगर सैनिकों से उक्त महिला पर नजर रखने की बात कही। इसके बाद दोनों जवान सीधे जिला बाल संरक्षण कार्यालय पहुंचे, वहां मौजूद नरेन्द्र रावत से ऐसे मानसिक अस्वस्थ लोगों के संबंध में शासन व विभाग की ओर से की जाने वाली कार्यवाही की जानकारी ली। जहां से जवानों को महिला हेल्प लाइन की टोल फ्री नम्बर 181 में इसकी सूचना दर्ज कराने कहा गया। जवानों ने वहीं से 181 डायल कर अपना पूर्ण ब्यौरा बताकर महिला के संबंध में बताया। जिस पर 181 महिला हेल्प लाइन ने आश्वस्त किया कि महासमुंद जिला स्तर पर गठित सखी वन स्टॉप हेल्प सेंटर द्वारा तत्काल एक्शन लिया जाएगा।

सखी वन स्टॉप सेंटर में विधिवत वैधानिक कार्यवाही उपरांत कौशिल्या देवांगन को पुत्र उमाशंकर के साथ विदा किया गया। अब जल्द ही कौशिल्या बेहतर उपचार के लिए परिजनों के साथ शासकीय खर्च पर बिलासपुर जाएगी। इस तरह पुलिस कार्यालय के जवान प्रकाश सिंह ठाकुर, अनिल यादव, दीपक यदु और सखी स्टॉप सेंटर के कीर्ति यादव की तत्परता से कौशिल्या देवांगन को परिजनों से मिलाया गया।

इस दौरान जवानों ने अपने स्तर पर खोजबीन जारी रखते हुए पुलिस कार्यालय के अन्य जवान दीपक यदु के साथ मिलकर रायपुर जिले के आरंग थाने में कार्यरत सउनि वरुण देवता से संपर्क साधते हुए ग्राम कोरासी के बारे में जानकारी ली। तब एक ग्रामीण का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया गया। जवानों ने प्राप्त नंबर से ग्रामीण से बातचीत की। उक्त नम्बर पर वॉट्सएप होने की जानकारी मिलने पर त्वरित उक्त महिला की फोटो भेजा।

फोटो देखते ही उक्त ग्रामीण ने तत्काल कॉल कर उन्हें अपने ही गांव की कौशिल्या देवांगन के रूप में पहचान कर उनके बड़े बेटे उमाशंकर का संपर्क नंबर दिया। जवानों ने उमाशंकर के मोबाइल से संपर्क कर उसके वाट्सऐप पर उनकी माता की फोटो भेजकर उन्हें समस्त हालातों से रूबरू कराया। मां के लापता होने से पिछले कई दिनों से परेशान पुत्र ने तत्काल पहुंचने की बात कहीं और यथाशीघ्र जिला अस्पताल महासमुंद परिसर पहुंचा।