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यहां हुआ था भक्त प्रह्लाद का जन्म, धधकती आग से निकलेगा पण्डा

पौराणिक मान्यताओं के आधार पर फालैन को विष्णुभक्त प्रहलाद का गांव माना जाता है।
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मथुरा

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Dhirendra yadav

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Updated: 1 Mar 2018, 9:36 AM IST

holika fire

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मथुरा। होली पर भक्त प्रहलाद की कथा तो आप सभी जानते ही होगें, किस तरह भक्त प्रहलाद को उनकी बुआ होलिका गोद में बिठाकर आग में जलीं, भक्त प्रहलाद सुरक्षित आग से बाहर निकल आए। यह परंपरा आज भी मथुरा के फालैन गांव में चली आ रही है। आज भी यहां कथित रूप में अग्नि परीक्षा दी जाती है। ब्राह्मण समाज का पण्डा हर वर्ष इस गांव में तड़के चार बजे जलाई जाने वाली होली की धधकती आग से होकर गुजरता है।


आग से बाल भी बांका नहीं होता
पौराणिक मान्यताओं के आधार पर फालैन को विष्णुभक्त प्रहलाद का गांव माना जाता है। ऐसी धारणा है कि प्रहलाद का गांव होने की वजह से ही फालैन के ब्राह्मण समाज का पण्डा उन्हीं के समान होलिका की अग्नि में से निकलने का चमत्कार कर पाता हैं और उसका बाल भी बांका नहीं होता।

इस तरह होता है ये आयोजन
फालैन में आग से निकलने बाले बाबू लाल पंडा ने बताया कि रात को होलिका का पूर्ण रूप आ जायेगा और हवन होना शुरू जो जाएगा और जो हवन चल रहा है उस पर हाथ रखकर देखेंगे कि राख ठंडी है या गर्म। यहां के पंडित लोग हैं वो गांव के लोगों को आदेशित करेंगे कि अग्नि में प्रवेश किया जाए। जब होली मर अग्नि प्रज्वलित हो जाएगी, तो हम उसमें से निकलेंगे और कुंड में स्नान कर बहन या बुआ धार देंगी। धार देते ही हम अग्नि में प्रवेश कर जाएंगे और होली की परिक्रमा लगाकर प्रहलाद जी के चरणों मे जाकर प्रणाम कर अपने घर जाएंगे ।


प्रशासन ने की तैयारी
इसे लेकर प्रशासन ने तैयारी पूरी कल ली है और भगवान विष्णु और प्रहलाद के मंदिर को सजाया गया है और पूरा मंदिर लाईटों से जग मगायेगा। इस दृश्य को देखने के लिए देश से ही नहीं बल्कि विदेशी भी श्रद्धालु आते हैं और इस पल का लुफ्त उठाते हैं।

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