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World Breastfeeding Week: नवजात को बोतल से दूध क्यों नहीं पिलाना चाहिए? जानिए विशेषज्ञ की राय

Breast Feeding Day 2018 : चाइल्ड स्पेशलिस्ट डाॅ. वर्षा तिवारी से जानिए ब्रेस्टफीडिंग क्यों जरूरी और इसका सही तरीका क्या होना चाहिए।
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मथुरा

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suchita mishra

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Updated: 2 Aug 2018, 7:29 PM IST

 Breastfeeding

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मथुरा। नवजात को बोतल से दूध पिलाने के बजाय ब्रेस्टफीडिंग कराना सर्वोत्तम है। इससे बच्चे का इम्युन सिस्टम मजबूत होता है और उसका शारीरिक और मानसिक विकास ठीक से होता है। ये कहना है मथुरा के बीएल तिवारी नर्सिग होम की चाइल्ड स्पेशलिस्ट डाॅ. वर्षा तिवारी का। पत्रिका से बातचीत के दौरान डाॅ. वर्षा तिवारी ने स्तनपान को लेकर महिलाओं में फैली भ्रांतियों के बारे में जागरुक किया व नवजात को सही तरीके से दूध पिलाने जैसे तमाम मुद्दों पर बातचीत की।

फिगर खराब होने वाली धारणा गलत
बातचीत के दौरान डाॅ. वर्षा तिवारी ने बताया कि नवजात को जन्म के बाद मां का दूध ही पिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां पढ़े लिखे लोग हैं वहां लोग ब्रेस्टफीडिंग को लेकर जागरूक हैं लेकिन उनके पास समय का अभाव होता है, लेकिन जहां लोग अशिक्षित हैं वहां स्तनपान को लेकर तमाम भ्रांतियां आज भी हैं। इस बीच जब महिलाओं के फिगर को लेकर उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जो महिलाएं ये सोचती हैं कि ब्रेस्टफीडिंग से फिगर बिगड़ता है, वे अब निश्चिंत रहें क्योंकि इससे फिगर बिगड़ता नहीं बल्कि और बेहतर होता है।

ऐसे कराएं ब्रेस्टफीडिंग
डाॅ. वर्षा तिवारी ने बताया कि स्तनपान कराते समय बच्चे को गोद में लें। उसके सिर को अपने हाथ से सहारा देकर ब्रेस्ट के करीब रखें। उसके बाद फीड कराएं। फीडिंग के समय उसकी नाक खुली रहे, इस बात का ध्यान रखें ताकि उसे सांस लेने मे दिक्कत न आए।

बोतल से दूध पिलाने से बेहतर कटोरी चम्मच का प्रयोग
डाॅ. वर्षा तिवारी ने बताया कि बोतल से दूध पिलाने से परहेज करना चाहिए। यदि बच्चा फीड नहीं कर पा रहा है तो बोतल के बजाय उसे कटोरी चम्मच से दूध पिलाएं। दरअसल बोतल की निप्पल ठीक से साफ नहीं हो पाती लिहाजा जब बच्चा दूध पीता है तो उसे बार बार इंफेक्शन होता है। दस्त जैसी शिकायतें हो जाती हैं। उनका कहना है कि सबसे बेहतर मां का दूध है। यदि वो बच्चा किसी कारण से दूध नहीं पी पा रहा है तो उसे बोतल के बजाय कटोरी चम्मच से दूध पिलाएं।

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