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ट्रैक्टर से स्टंट करना किसान को पड़ा भारी, चालक की बची जान

- इंटर कॉलेज के प्रांगण में ट्रैक्टरों के माध्यम से कुछ करतब दिखाने की ठानी - खेतों में उछल कूद करता हुआ अपने आप दौड़ने लगा - युवाओं ने अनियंत्रित ट्रैक्टर के पीछे दौड़ कर ट्रैक्टर पर चढ़कर उसे काबू में कर लिया
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मथुरा

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arun rawat

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Updated: 27 Jan 2021, 1:36 PM IST

ट्रैक्टर से स्टंट करने के दौरान हादसे का शिकार हुआ किसान - फ़ोटो - पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क 

ट्रैक्टर से स्टंट करने के दौरान हादसे का शिकार हुआ किसान - फ़ोटो - पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क 

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क

मथुरा. गणतंत्र दिवस की परेड को लेकर किसानों द्वारा किया गया ट्रैक्टर परेड का आव्हान न केवल दिल्ली वासियों के लिए भारी पड़ा है बल्कि मथुरा के थाना नौहझील क्षेत्र में बाजना इंटर कॉलेज मोरकी बाजना के मैदान पर किसानों द्वारा ट्रैक्टरों के माध्यम से दिखाए जा रहे करतब महंगे पड़ गए। आप यकीन मानिए कि यहां एक युवक की जान जाते-जाते बची और सैकड़ों लोगों के लिए मौत सामने नाचते दिखाई दी। लेकिन गनीमत यह रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। और सभी सकुशल बच गए।


बता दें कि किसान ट्रैक्टर परेड को लेकर उधर दिल्ली में घुस रहे थे। इधर मथुरा जनपद के थाना नौहझील क्षेत्र में किसान ट्रैक्टरों का एक लंबा जखीरा लेकर यमुना एक्सप्रेस-वे पर जाम लगाने के उद्देश्य से मोरकी बाजना इंटर कॉलेज पर जा पहुंचे। यहां किसानों के युवा पुत्रों को न जाने क्या सूझी कि उन्होंने इंटर कॉलेज के प्रांगण में ट्रैक्टरों के माध्यम से कुछ करतब दिखाने की ठानी। इसी प्रयास के चलते एक ट्रैक्टर पलट गया। जिसमें से चालक उछलकर अलग गिर गया। जिसकी जान जाते-जाते बची। यहां उपस्थित किसानों की जान उस समय जान अटक गई जब यह पलटा हुआ ट्रैक्टर कई पलटे खाने के बाद अपने आप सीधा होकर खेतों में उछल कूद करता हुआ अपने आप दौड़ने लगा। खेतों में कूदता-फांदता हुआ दूसरे खेतों में जा पहुंचा। हालांकि कुछ युवाओं ने इस अनियंत्रित ट्रैक्टर के पीछे दौड़ कर उसको पकड़ लिया और पीछे से ट्रैक्टर पर चढ़कर उसे काबू में कर लिया।

अब सवाल इस बात का उठता है कि क्या इस आंदोलन के माध्यम से किसान खुद अपना ही नुकसान करने पर तुले हैं या फिर ऐसा करके सरकार को क्या दिखाना चाहते हैं। कमाल की बात यह रही कि इस तरह के करतब दिखाने के लिए ना तो यहां मौजूद किसान नेताओं ने ही इस युवा को रोका और ना ही उन वृद्ध किसानों ने जो किसानों की अगुवाई करने के लिए यहां एकत्रित हुए थे।

By - Nirmal Rajpoot