
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को लेकर वकीलोें ने लिया यह बड़ा फैसला, पार्टी नेताआें में मची खलबली
मेरठ। पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर संघर्षरत अधिवक्ताओं ने अब मेरठ में होने जा रही भाजपा की प्रदेश कार्य समिति की बैठक का विरोध करने की योजना बनाई है। हाईकोर्ट बैंच स्थापना समिति के इस निर्णय से भाजपा पदाधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है। अधिवक्ताओं की इस घोषणा से भाजपा पदाधिकारी इस मुहिम में जुट गए हैं कि वे अपनी इस घोषणा से पीछे हट जाए।
वेस्ट यूपी में हार्इकोर्ट बैंच की मांग
हाईकोर्ट बैंच स्थापना के लिए केन्द्रीय संघर्ष समिति की बैठक आयोजित हुई। जिसमें वेस्ट यूपी के सभी 22 जिलों के पदाधिकारियों के विचार के बाद तय किया गया है कि अगर आगामी 11 और 12 अगस्त को जिला मेरठ में प्रदेश कार्य समिति भाजपा की होने वाली बैठक से पहले प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय नहीं मिला तो पश्चिम के वकील प्रदेश कार्य समिति की बैठक को किसी भी दशा में होने नहीं देंगे। 22 जिलों के वकील एकत्र होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन कर विरोध करेंगे।
28 जुलार्इ को सभी जिलों में होगा प्रदर्शन
यह बात केन्द्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन राजेन्द्र सिंह जानी ने पंडित नानक चंद सभागार में पुस्तकालय भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि आन्दोलन की रणनीति तेज करने के लिए गौतमबुद्धनगर में बैठक हुई थी। जिसमें आन्दोलन को क्रमबद्ध चलाने के लिए निर्णय लिया गया है। जिसके तहत सभी जनपदों में बार एसोसिएशन द्वारा जनपद में कार्यरत सभी समाजिक व व्यापारिक संगठनों की एक बैठक होगी। बैठक वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बैंच की स्थापना के लिए समर्थन पत्र प्राप्त करने के लिए आहूत की जायेगी तथा 28 जुलाई को सभी जिलों की बार एसोसिएशन वकील न्यायिक कार्य से विरत रहकर अपने-अपने जिलों में जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करते हुए जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री को सम्बोधित एक ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे। प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व महामंत्री वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कंसल, अनिल जंगाला, सुधीर पंवार, नीरज सोम, विनोद राणा, नरेश प्रधान, विरेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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Published on:
25 Jul 2018, 3:58 PM IST
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