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वकील अब अपनाएंगे यह रणनीति, इससे बुलंद होगी उनकी मांग

वकील 28 अप्रैल को रखेंगे उपवास, आम लोगों को जोड़ेंगे अपने आंदोलन से  
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 15 Apr 2018, 5:59 PM IST

meerut

मेरठ। वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग जोर पकड़ती जा रही है। अधिवक्ताओं का इस बार बड़ा आंदोलन शुरू करने और आमजन को जोड़ने पर अधिक जोर है। हर स्तर पर मांग को पुरजोर तरीके से उठाने के लिए कचहरी परिसर में आयोजित बैठक में मंथन किया। कचहरी परिसर में वरिष्ठ अधिवक्ता रघुनंदन शर्मा के चेंबर में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर बैठक आयोजित की गई। जिसमें युवा अधिवक्ताओं ने इस बार बड़े स्तर पर बेंच की मांग को लेकर आंदोलन शुरू करने और 28 अप्रैल को उपवास कार्यक्रम से आमजन को जोड़ने का संकल्प लिया।

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यह हमारा हक है लेकर रहेंगे

अधिवक्ता सचिन चौधरी ने कहा कि हाईकोर्ट बेंच पर पश्चिम उत्तर प्रदेश का हक है और हम मिलकर अपना हक लेकर रहेंगे। इसके लिए हर स्तर पर पुरजोर तरीके से मांग को उठाया जाएगा। गिरिजा शर्मा ने कहा कि दशकों से बेंच की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। लेकिन अब आंदोलन को तेज किया जाएगा और अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। बैठक में मुख्य रूप से प्रबोध कुमार शर्मा, अशोक गुप्ता, सतीश चौधरी, दुर्गपाल, सचिन बालियान, विकसित शर्मा, कोमल त्यागी, सचिन शर्मा, मोहित कालरा, प्रमोद चौधरी आदि मौजूद रहे।

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हर वर्ग को मिलेगा लाभ

हाईकोर्ट बेंच मेरठ में बनने से पश्चिम उत्तर प्रदेश की जनता को इसका बड़ा लाभ होगा। इलाहाबाद वादों की पैरवी के लिए आने-जाने के साथ धन की भी बचत होगी। यहां बेंच होने से वादों की पैरवी भी समय पर होगी और न्याय भी शीघ्र मिलेगा। कई बार वहां पैरवी के लिए गए वादी से होने वाली ठगी से भी मुक्ति मिलेगी। पूर्व जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल जंगाला इलाहाबाद में पश्चिम के लंबित वाद 25 वर्षो से अधिक पुराने है, लोगों को इंसाफ के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यहां बेंच आने से डेढ़-दो साल में ही वादों पर सुनवाई शुरू हो जाएगी। इसके अलावा बेंच का बड़ा लाभ आमजन के साथ युवा अधिवक्ताओं को भी मिलेगा। समय के साथ पैसा भी कम खर्च होगा।

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