यूपी के इस जिले में स्कूलों ने तोड़ा नियम तो मान्यता होगी रद्द!

सीएम योगी के निर्देश के बाद भी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है।

By: Rahul Chauhan

Published: 19 Jul 2018, 04:53 PM IST

बागपत। जिले में स्कूलों की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है। यही कारण है कि प्राइवेट स्कूलों में चलाई जा रही बसों में बच्चों को ठूंस कर स्कूल लाया जाता है। न तो इस और प्रशासन का ध्यान है और न ही अभिभावक इस पर ज्यादा ध्यान देते हैं। लेकिन गुरूवार को मुबारिकपुर गांव में बच्चों की हालत देखकर ग्रामीणों ने बस को रोक लिया और जमकर हंगामा किया।

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जिसके बाद सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बस को थाने में बंद कर दिया। जिलाधिकारी ने मामले में सख्त दिशा निर्देश जारी कर दिये हैं। दरअसल, मामला बागपत जनपद के खेकडा तहसील के एक स्कूल का है। बताया जा रहा है कि स्कूल संचालक बसों की फिटनस नहीं करा रहा है और बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। इसके साथ ही न तो बसों में परिचालक का कोई इंतजाम है और न ही सुरक्षा की कोई व्यवस्था की गई है। वहीं लोगों की मानें तो एक बस में 90 तक बच्चे सवार कर लिए जाते हैं और गर्मी में बच्चों का बुरा हाल हो जाता है।

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गुरूवार को कुछ जागरूक युवकों ने मुबारिकपुर गांव में खेकडा के एक नीजी स्कूल की बस में बच्चों की हालत देखी तो बस को रुकवा लिया। इन लोगों का कहना है कि इन्होंने स्कूल मालिकों को बुलाने की बात की थी। लेकिन काफी समय के बाद भी स्कूल से कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा। जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना यातायात विभाग और पुलिस को दी।

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मौके पर पहुंची पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया और स्कूली बच्चों को दूसरी बस से स्कूल भिजवाया। जिसके बाद थाने पहुंचे आरटीओ सुभाष राजपूत ने बस का चालान कर उस पर जुर्माना लगा दिया और बस को सीज कर दिया।जिलाधिकारी बागपत ऋषिरेंद्र कुमार ने मामले में कड़ा संज्ञान लिया है और सभी स्कूलों को फिटनस कराने के दिशा निर्देश जारी कर दिये हैं। साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर बच्चों की जिंदगी से इस तरह खिलवाड़ किया जायेगा तो स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। वहीं आरटीओं सुभाष राजपूत ने जिलाधिकारी के निर्देश पर छापामारी अभियान चलाया और जनपद के 9 स्कूलों की बस का नियम विरूद्ध चलाने पर चालान किया। कारवाई के बाद स्कूल संचालकों में हडकंम मचा है।

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