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कैराना जीत से उत्साहित रालोद नेताआें ने अब किसानों से जुड़ी रखी यह बड़ी समस्या आैर दी यह चेतावनी

कमिश्नर से मिला राष्ट्रीय लोकदल का प्रतिनिधिमंडल
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 15 Jun 2018, 3:58 PM IST

meerut

कैराना जीत से उत्साहित रालोद नेतआें ने अब किसानों से जुड़ी रखी यह बड़ी समस्या आैर दी यह चेतावनी

मेरठ। कैराना में मिली जीत से उत्साहित रालोद कार्यकर्ता किसानों और लोगों के बीच अपनी पैठ बनाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। चुनाव के मद्देनजर ऐसे में जबकि सरकार ने सभी भू अधिग्रहण की कार्रवाई रद्द कर दी है और मुआवजे के मामले को भी अब टाल दिया है। ऐसे में मेरठ-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग 119 में भू अधिग्रहण के मामला रालोद गर्माने के मूड में दिख रहा है। इसी क्रम में रालोद के प्रतिनिधि मंडल ने कमिश्नर को मेरठ-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग 119 के चौड़ीकरण में हो रही अनियमितताओं और किसानों के साथ धोखाधड़ी के संबंध में ज्ञापन सौंपकर अवगत कराते हुए कहा कि यदि किसानों को उनकी भूमि के प्रकार व उपयोग के हिसाब से वाजिब प्रतिकर नहीं मिलता तो राष्ट्रीय लोक दल आंदोलन के लिए मजबूर होगा।

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मार्ग चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण का मामला

ज्ञात हो कि मेरठ पौड़ी मार्ग के चौड़ीकरण में मेरठ से लेकर रामराज तक ग्राम बना, मवाना खुर्द, भैंसा आदि दर्जनों गांवों की भूमि जिसमें स्कूल, बैंक, आवासीय बिल्डिंग, कृषक भूमि भी अर्जन में आ रही है। नेशनल हाई-वे एक्ट के अंतर्गत दो नोटिफिकेशन समाचर पत्रों के माध्यम से प्रकाशित होने के उपरांत किसानों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई, लेकिन उसके बावजूद अंतिम प्रकाशित नोटिफिकेशन में सभी किसानों की जमीन का प्रकार कृषि भूमि दर्शाया गया है, जो कि किसी भी प्रकार सही नहीं कहा जा सकता और यह एक बड़े भ्रष्टाचार तथा किसानों के साथ धोखाधड़ी को दर्शा रहा है।

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संयुक्त टीम बनाकर जांच की मांग

रालोद नेताआें ने इन गांवों के किसान, एमडीएम-एलए एवं एनएचएआई के कर्मचारियों की एक संयुक्त टीम बनाकर जांच कराने की मांग की, ताकि इस भूमि के प्रकार का सही निर्धारण कर प्रतिकर वितरित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण नहीं किया गया तो भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। किसानों की भूमि का वाजिब प्रतिकर निर्धारण नहीं हो सकेगा। रालोद नेताआें ने कहा कि किसानों के साथ धोखा हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर जिला प्रवक्ता कमलजीत सिंह गुर्जर, चैधरी राममेहर सिंह गुर्जर, कर्नल ब्रह्मपाल तोमर, डा. राजकुमार सांगवान, राजेन्द्र सिंह चिकारा, राजेन्द्र शर्मा, सुनिल रोहटा, यशवीर सिंह, चैधरी रतन सिंह, मुकेश जैन, नरेंद्र खजूरी, मतलूब गौड़, परवेज हलीम, राजेन्द्र जानी, ऐनूद्दीन शाह आदि उपस्थित रहे।

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