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Hastinapur Jambudweep : अमेरिकावासी जानेंगे मेरठ के हस्तिनापुर जम्मूद्वीप का इतिहास, अतिविशिष्ठ स्कॉलर जीवन कैलीफोर्निया रवाना

Hastinapur Jambudweep मेरठ के हस्तिनापुर का इतिहास महाभारत से ही नहीं बल्कि ये जैन धर्म से भी जुड़ा हुआ है। हस्तिनापुर स्थित जंबूद्वीप में देश और विदेश से जैन धर्म के लोग आते हैं और यहां पर प्रेरिका गणनी प्रमुख ज्ञानमती माता का आशीर्वाद लेते हैं। ऐसे ही अमेरिका की जैन सेंटर आफ नार्दन कैलीफोर्निया संस्था द्वारा अतिविशिष्ट स्कॉलर के रूप में डाक्टर जीवन प्रकाश जैन को आमंत्रित किया गया है। जोकि अमेरिकावासियों को हस्तिनापुर के प्राचीन महत्स से अवगत कराएंगे।  
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मेरठ

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Kamta Tripathi

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Updated: 29 Aug 2022, 3:44 PM IST

अमेरिकावासी जानेगें मेरठ के हस्तिनापुर जम्मूद्वीप का इतिहास, अतिविशिष्ठ स्कॉलर जीवन कैलीफोनिया रवाना

अमेरिकावासी जानेगें मेरठ के हस्तिनापुर जम्मूद्वीप का इतिहास, अतिविशिष्ठ स्कॉलर जीवन कैलीफोनिया रवाना

Hastinapur Jambudweep हस्तिनापुर स्थित जंबूद्वीप की पावन प्रेरिका गणनी प्रमुख ज्ञानमती माता के आशीर्वाद से अमेरिका की जैन सेंटर ऑफ नार्दन कैलीर्फोनिया सस्था द्वारा अतिविशिष्ट स्कॉलर के रूप में आमंत्रित किए गए डॉक्टर जीवन प्रकाश जैन आज अमेरिका के लिए रवाना हो गए जहां पर पहुंचकर वह हस्तिनापुर का प्राचीन महत्व और जैन धर्म का प्रचार प्रसार करेंगे।जम्बूद्वीप संस्थान के प्रबंध मंत्री डॉ0 जीवन प्रकाश जैन ने बताया कि वह अमेरिका में धर्म प्रभावना के लिए प्रस्थान कर रहे हैै। वे अमेरिका में कैलीर्फोनिया जाकर हस्तिनापुर के प्राचीन महत्व महत्व को जनण्जन में पहुॅंचायेंगे और जैनधर्म के परिप्रेक्ष्य में धर्म का प्रचार करेंगे।


डॉ जीवन प्रकाश आगामी 31 अगस्त से होने वाले जैनधर्म के सबसे बड़े दशलक्षण महापर्व के अवसर पर अमेरिका के ष्जैन सेंटर ऑफ नार्दन कैलीर्फोनियाष् द्वारा अतिविशिष्ट स्कॉलर के रूप में आमंत्रित किया गया हैं। जहां पर वह एकमात्र वक्ता के रूप में लगातार 10 सितम्बर तक अमेरिका में मौजूद लोगों के बीच में रहकर जैनधर्म के विभिन्न पहलुओं पर अपने अभिभाषण रखेंगे। जिससे अमेरिका में सिर्फ हस्तिनापुर का ही नहीं भारत का भी मान सम्मान और बढ़ेगा और वहां के लोगों में भारत की प्राचीन संस्कृति के बारे में जानकार धार्मिक भावनाएं पैदा होंगी।

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कार्यक्रम के अनुसार वह दिल्ली से सैनफ्रेसिस्को जायेंगे और वहां बने जैन सेंटर पर उनके द्वारा विविध कार्यशालाएं सम्पन्न होंगी। डॉ जीवन प्रकाश के विदेश प्रस्थान को लेकर दिगम्बर जैन त्रिलोक शोध संस्थान ने इसे संस्थान की स्वर्ण जयंती की उपलब्धि माना और जम्बूद्वीप संस्थान के विगत 50 वर्षोें के अनेकानेक कार्यकलापों को विदेश में प्रचारित-प्रसारित करने के लिए अमेरिका भेजा। अमेरिका में धर्म के प्रति लोगों को जागरूक करने के बाद उनका 13 सितंबर को भारत में वापसी होगी। उनके प्रस्थान पर सर्वोच्च जैन साध्वी ज्ञानमती माताजी, चंदनामती माता व पीठाधीश स्वस्ति रवीन्द्रकीर्ति स्वामी ने विशेष मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।