
परिवार नियाेजन के साथ अब कोरना के प्रति जागरूकता भी
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. कोरोना काल ( Corona virus) में लोगों को संक्रमण से बचाव के तरीके बताने के साथ ही हेल्थ सर्वे करने में जुटी आशा कार्यकर्ता अब दंपतियों को परिवार नियोजन के प्रति भी जागरूक करेंगी। एक आशा कार्यकर्ता को तीन दंपतियों को परिवार नियोजन ( family planning ) के बारे में समझाने का लक्ष्य दिया गया है। इसी दौरान वह कोरोना वायरस से बचने के लिए उपाय भी बताएंगी। यानी एक हजार की आबादी में 160 दपंतियों को स्वास्थ्य विभाग ने लक्षित किया है।
कोविड-19 के चलते धीमे पड़े परिवार नियोजन के कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग में एक बार फिर से तेज हो गए हैं। लॉकडाउन ( lockdown) के कारण शहरों और गांवों में इच्छुक दंपतियों तक परिवार नियोजन के साधन पहुंचना बंद हो गए थे। आने वाले महीनों में प्रसव और गर्भपात की संख्या अधिक होने की संभावना के चलते परिवार नियोजन कार्यक्रम को फिर से शुरू किया गया है। ''दो गज की दूरी-मास्क और परिवार नियोजन जरूरी'' का नारा दिया गया। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं का सहयोग लिया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग में परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अफसर एसीएमओ डॉक्टर नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य कोविड-19 से बचाव के संदेश के साथ साथ परिवार नियोजन के महत्व के संदेश को घर-घर आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से देना है। इस पूरे माह के दौरान आशा कार्यकर्ता अपने कार्यस्थल के हर लक्ष्य दंपति के घर जाएंगे। उनको परिवार नियोजन के लाभ बताते हुए कोई न कोई साधन लेने के लिए प्रेरित करेंगी। कार्यक्रम में यूपीटीएसयू और पीएसआई भी सहयोग करेगी। नोडल अफसर के मुताबिक हर आशा को यह लक्ष्य दिया गया है कि वह कम से कम तीन लक्ष्य दंपतियों को कोई ना कोई अंतराल विधि का साधन जैसे आईसीडी, अंतरा या पीपीआईडी की सेवा अवश्य ही दिलवाएंगी।
सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन ने बताया कि परिवार नियोजन कार्यक्रम को फिर से गति दी गई है, आशा कार्यकत्रियों के माध्यम से परिवार नियोजन के साधनों और कोरोना से बचाव के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
Updated on:
18 Jun 2021 02:06 pm
Published on:
18 Jun 2021 11:13 am
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