
किसानों ने कार्यालय परिसर में आवारा गोवंश कर दिए बंद आैर दी ये चेतावनी, देखें वीडियो
मेरठ। प्रदेश में आवारा गोवंश एक बार फिर से किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। आवारा पशुओं के कारण प्रदेश की सियासत गर्माने लगी है। एक तरफ तो योगी सरकार के सख्त निर्देश हैं कि गोवंश और गाय को किसी भी सूरत में प्रताड़ित न किया जाए। वहीं दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि उनके लिए पशु आश्रय स्थल की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन स्थिति इन सभी दावों के बिल्कुल विपरीत है। आवारा पशुओं से किसान और आम लोग आज भी वैसे ही परेशान है। जैसा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के पहले परेशान थे। अब परेशान किसानों ने आवारा पशुआें के लिए नर्इ रणनीति बनार्इ है।
ब्लाॅक परिसर में बांध दिए आवारा पशु
बता दें कि भाजपा सरकार बनने के बाद से आवारा पशु किसानों के लिए और बड़ा सिरदर्द बन गए हैं। आवारा पशु किसानों की फसलों को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा रहे हैं। मेरठ में किसानों ने अब खुद ही इन आवारा पशुओं से निपटने के लिए रणनीति बनाई है। सरधना तहसील के थाना सरूरपुर के हर्रा गांव में किसानों ने परेशान होकर आवारा गोवंश को ब्लाक कार्यालय प्रांगण के भीतर कैद कर दिया। परेशान किसानों का कहना था कि आवारा पशु फसलों को बुरी तरह से नष्ट कर रहे हैं। इसकी कई बार ब्लाक के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हर्रा गांव के किसानों ने गोवंश को ब्लाक प्रांगण के भीतर बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। ब्लाक कार्यालय के भीतर ही खंड विकास अधिकारी और पशु चिकित्सालय के कार्यालय भी बने हुए हैं।
अफसरों को काम नहीं करने देने की चेतावनी
पशुओं को भीतर बंद कर किसानों ने गेट पर ताला डाल दिया और ऐलान किया कि वे अधिकारियों को काम नहीं करने देंगे। जब तक कि इन आवारा पशुओं से उनको मुक्ति नहीं मिल जाती। इस बारे में जब सरधना एसडीएम अमित कुमार से बात की गई तो उनका कहना था कि आवारा पशुओं की समस्या किसान बता रहे हैं। ब्लाक प्रांगण को खाली करने के लिए किसानों को बोल दिया गया है। किसानों की इस समस्या के प्रति भी कोई न कोई हल निकाला जाएगा।
Published on:
02 Jun 2019 10:58 am
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