
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ। 17 दिन तक जिंदगी और मौत के बीच लड़ते हुए किशोर ने देर रात दम तोड़ दिया। किशोर का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपने साथ पढ़ने वाली एक लड़की से फोन पर बात करता था। लड़की के चिकित्सक पिता ने यह देखा तो उससे बर्दाश्त नहीं हुआ। आरोप है कि उसने किशोर को घर से उठवा लिया और उसकी जमकर पिटाई की। आरोप है कि किशोर को नशे के इंजेक्शन दिए गए। किशोर को अधमरा कर दबंग चिकित्सक ने सड़क पर फेंक दिया था। किशोर के शरीर में 56 फैक्चर आए थे।
गुरुवार देर रात किशोर की मौत के बाद पाल समाज में आक्रोश है। समाज के लोग मृतक किशोर के परिजनों के साथ धरने पर बैठ गए हैं। परिजनों का आरोप है कि थाना पुलिस आरोपियों को पकड़ने के नाम पर खानापूर्ति करती रही। वरिष्ठ सपा नेता और पाल समाज के विजय पाल सिंह ने बताया कि गुरुवार देर रात किशोर आकाश जिंदगी से हार गया और उसकी मृत्यु हो गई। जिसको लेकर पाल समाज के लोगों में रोष उत्पन्न हो गया और उन्होंने शुक्रवार सुबह रिठानी घोपला रोड पर धरना प्रदर्शन करते हुए आमरण अनशन पर बैठ गए।
वहीं युवक की निर्मम हत्या से गुस्साए व्यापारियों ने भी रिठानी मार्केट को बंद कर दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि 17 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी प्रदीप शर्मा, गीता, देव और खुशी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई। जब तक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करेगी तब तक लोग इसी तरह धरने पर बैठे रहेंगे और अपने मृतक युवक आकाश के शरीर को भी मोर्चरी से नहीं लाएंगे। ना ही उसका अंतिम संस्कार करेंगे। वही हंगामे को बढ़ता देख सीओ ब्रह्मपुरी अमित राय कई थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और मृतक युवक के परिजनों को समझाने बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। मृतक किशोर के परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से बात करने से मना कर दिया है।
Published on:
29 Jan 2021 01:23 pm
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