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बसपा से गठबंधन टूटने पर कांग्रेसी नेता ने किया बड़ा खुसाला, बोले बसपा सुप्रीमो भाजपा को पहुंचाना चाहती है लाभ

मायावती के बयान के बाद कांग्रेसियों ने खोली गठबंधन न होने की पोल
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मेरठ

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Iftekhar Ahmed

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Updated: 4 Oct 2018, 5:11 PM IST

Congress-BSP alliance

बसपा से गठबंधन टूटने पर कांग्रेसी नेता ने किया बड़ा खुसाला, बोले बसपा सुप्रीमो भाजपा को पहुंचाना चाहती है लाभ

मेरठ. बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती द्वारा कांग्रेस के साथ गठबंधन न करने की घोषणा के बाद कांग्रेसी बसपा और मायावती पर आक्रामक हो गए हैं। मेरठ में कांग्रेस प्रवक्ता अभिमन्यु त्यागी ने मायावती को दलित विरोधी तक कह डाला। अभिमन्यु ने कहा कि मायावती दलित विरोधी है। उन्होंने कहा कि जिस वक्त प्रदेश और देश में दलितों पर अत्याचार हो रहे थे, उस समय मायावती कहां थी। उन्होंने कहा कि मायावती कांग्रेस का इतिहास उठाकर देख लें, उन्हें पता चल जाएगा, कि कांग्रेस ने दिलतों के उत्थान के लिए कितना काम किया है। उन्होंने मायावती को मौकापरस्त बते हुए कहा कि जितना सम्मान दलितों को कांग्रेस के कार्यकाल में मिला है, उतना आज तक किसी ने नहीं दिया।

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गठबंधन टूटने के लिए मायावती ने दिग्विजय को ठहराया था जिम्मेदार
दरअसल, बसपा सुप्रीमो मायावती ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव में गठबंधन टूटने का सारा ठीकरा कांग्रेस महासचिव दिग्विजय पर फोड़ा था। इसके बाद से आक्रामक हुए कांग्रेसियों ने उस रिपोर्ट का हवाला दिया, जो कुछ दिन पहले मप्र के चुनावी गठबंधन को लेकर तैयार हुई थी। इसमें बसपा से गठबंधन करने पर उसका लाभ कांग्रेस को नहीं, बल्कि बसपा को मिल रहा था। कांग्रेस नेता अभिमन्यु त्यागी ने कहा कि रिपोर्ट में गठबंधन को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस बीएसपी के साथ गठबंधन करती तो उसका लाभ बीजेपी को सीधे मिलता, जो कि कांग्रेस के लिए एक बड़ा खतरा साबित होती। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट पार्टी के सूत्रों ने तैयार करवाई थी। हालांकि, पहले इस रिपोर्ट को ज्यादा महत्व नही दिया गया था, लेकिन अब इसके मायने निकाले जा रहे हैं।

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दरअसल, बीएसपी ने कांग्रेस से 50 सीटों की मांग की थी। इन 50 में से आधी सीटें 2008 और 2013 में या तो कांग्रेस ने जीती थीं या तो बीएसपी ने। इन 50 में 11 सीटों पर बीएसपी का कब्जा था और 14 पर कांग्रेस का, बाकी की 25 सीटों पर बीजेपी 2008 और 2013 में जीती थी। अगर कांग्रेस बीएसपी का गठबंधन होता तो इन 25 में से सिर्फ 10 सीटों पर जीत की गुंजाइश थी। लेकिन अब समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं।

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बसपा से गठबंधन कांग्रेस के लिए हानिकारक
उन्होंने बताया कि दरअसल, कांग्रेस की यह आंतरिक रिपोर्ट में भी इस बात का जिक्र गया था कि यह गठबंधन कांग्रेस के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। बसपा इसका सीधा फायदा बीजेपी को पहुंचाना चाहती है। हालांकि, इस रिपोर्ट को कांग्रेस के अंदर कोई खास महत्व तब नहीं दिया गया था और प्रदेश कांग्रेस के नेता और प्रदेश बसपा के नेता गठबंधन की संभावनाओं को नकार नहीं रहे थे। लेकिन अब, जबकि मायावती ने हमारे नेता दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाकर गठबंधन तोड़ने की धमकी दी तो इस रिपोर्ट के तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि बसपा प्रमुख मायावती को यह समझना चाहिए कि सौ साल पुरानी पार्टी के लिए किन शब्दों को इस्तेमाल करना चाहिए।

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