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मायावती के गठबंधन से इनकार पर कांग्रेसियों में उबाल, बसपा सुप्रीमो पर दिखाए आक्रामक तेवर, कही यह बड़ी बात

गठबंधन न करने की मायावती की घोषणा के बाद बदली तस्वीर
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 4 Oct 2018, 5:21 PM IST

मेरठ। बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती द्वारा कांग्रेस के साथ गठबंधन न करने की घोषणा के बाद कांग्रेसी बसपा और मायावती पर आक्रामक हो गए हैं। इन्होंने बहन जी को दलित विरोधी तक कह डाला। जिस समय प्रदेश और देश में दलितों पर अत्याचार हो रहे थे उस समय बहन जी कहां थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास बहन जी उठाकर देख ले, उन्हें पता चल जाएगा। उन्होंने मायावती को मौकापरस्त बताया आैर कहा कि जितना सम्मान दलितों को कांग्रेस के कार्यकाल में मिला है उतना आज तक किसी ने नहीं दिया।

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ऐसे भाजपा को लाभ पहुंचा रही मायावती

एक तरफ जहां बसपा सुप्रीमो मायावती ने गठबंधन का सारा ठीकरा कांग्रेस महासचिव दिग्विजय पर फोड़ अपना पल्ला झाड़ लिया है। इसके बाद से आक्रामक हुए कांग्रेसियों ने उस रिपोर्ट का हवाला दिया है जो कुछ दिन पहले मप्र के चुनावी गठबंधन को लेकर तैयार हुई थी। जिसमें बसपा से गठबंधन करने पर उसका लाभ कांग्रेस को नहीं बसपा को मिल रहा था। कांग्रेस नेता अभिमन्यु त्यागी ने कहा कि रिपोर्ट में गठबंधन को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट अनुसार, कांग्रेस बीएसपी के साथ गठबंधन करती तो उसका लाभ बीजेपी को सीधे मिलता। जो कि कांग्रेस के लिए एक बड़ा खतरा साबित होती। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट पार्टी के सूत्रों ने तैयार करवाई थी। जिसे तब ज्यादा महत्व नही दिया गया था, लेकिन अब इसके मायने निकाले जा रहे है। दरअसल, बीएसपी ने कांग्रेस से 50 सीटों की मांग की थी। इन 50 में से आधी सीटें 2008 और 2013 में या तो कांग्रेस ने जीती थी या तो बीएसपी ने। इन 50 में 11 सीटों पर बीएसपी का कब्जा था और 14 पर कांग्रेस का, बाकी की 25 सीटों पर बीजेपी 2008 और 2013 में जीती थी। अगर कांग्रेस बीएसपी का गठबंधन होता तो इन 25 में से सिर्फ 10 सीटों पर जीत की गुंजाइश थी। लेकिन अब समीकरण पूरी तरह से बदल गए है।

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बसपा से गठबंधन कांग्रेस के लिए हानिकारक

उन्होंने बताया कि दरअसल, कांग्रेस की यह आंतरिक रिपोर्ट में भी इस बात का जिक्र गया था कि यह गठबंधन कांग्रेस के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। बसपा इसका सीधा फायदा बीजेपी को पहुंचाना चाहती है। हालांकि इस रिपोर्ट को कांग्रेस के अंदर कोई खास महत्व तब नहीं दिया गया था और प्रदेश कांग्रेस के नेता और प्रदेश बसपा के नेता गठबंधन की संभावनाओं को नकार नहीं रहे थे, लेकिन अब जबकि मायावती ने हमारे नेता दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाकर गठबंधन तोड़ने की धमकी दी तो इस रिपोर्ट के तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि बसपा प्रमुख बहन जी को यह समझना चाहिए कि सौ साल पुरानी पार्टी के लिए किन शब्दों को इस्तेमाल करना चाहिए।

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