
मेरठ। कोरोना की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। फ्लू से बचने के लिए इस्तेमाल होने वाले मास्क खैरनगर बाजार से गायब हो गए हैं, तो वहीं फुटकर मार्केट में यह मुंहमांगे दामों पर भी नहीं मिल रहे हैं। वहीं हैंड सैनिटाइजर की डिमांड बढ़ने के साथ ही इसकी कमी भी बाजार में हो रही है, हालांकि बाजार में अभी दवाओं की किल्लत फिलहाल नहीं है, लेकिन ऑर्डर पर मेडिकल स्टोर वालों को भरपूर माल नहीं मिल पा रहा है।
कोरोना वायरस के बाद से चीन से दवाइयों को बनाने वाला सॉल्ट आना बंद होने की वजह से देशी सॉल्ट प्रयोग में लाए जा रहे हैं। जो महंगे हैं, जिससे दवाओं की कीमत बढऩे के आसार भी नजर आने लग गए हैं। लोगों का कहना है कि बाजार में मास्क की कीमत पांच गुने से ज्यादा हो गई है, लेकिन इस रेट पर भी मास्क नहीं मिल रहा है। कोरोना वायरस एक्टिवेट होने के बाद से अब तक मास्क की कीमतों में करीब 4 गुने से ज्यादा इजाफा हुआ है। हालत यह हो गई है कि अब मैन्युफैक्चरर ने ही थोक व्यापारियों को माल के लिए मना कर दिया है।
ड्रग एंड कैमिस्ट एसोसिएशन के रजनीश कौशल ने बताया कि माइक्रो बैक्टिरियल सिक्योरिटी वाले एन-95 मास्क तो बाजार से गायब ही हो गए हैं। लोगों को ऑनलाइन का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां इनकी कीमत मार्केट में मिलने वाले एन-95 मास्क से कई गुना ज्यादा है। दवाओं पर अभी फिलहाल ज्यादा असर नहीं है। चीन से जो सॉल्ट आता था, वह काफी सस्ती होता था। इस वक्त वहां से सॉल्ट आना बंद है, इसलिए लोकल सॉल्ट इस्तेमाल किया जा रहा है। यह थोड़ा महंगे हैं, जिससे दवाओं की कमी होने लग गई है। फिलहाल एक-दो महीना कोई प्रॉब्लम नहीं है। दवा विक्रेताओं से भी अपील की गई है कि वह स्टॉक न करें और लोगों को दवाएं उपलब्ध कराएं।
Updated on:
11 Mar 2020, 3:49 PM IST
Published on:
11 Mar 2020, 3:09 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.