
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. आज दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के खुलते ही मेरठवासियों का दशकों पुरान सपना पूरा हो गया। मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर सुबह से ही वाहन फर्राटा भरते नजर आए। करीब 82 किमी के एक्सप्रेसवे पर मेरठ से दिल्ली का सफर अब मात्र 45 मिनट में पूरा हो रहा है। मेरठ से दिल्ली और गाजियाबाद जाने और वहां से मेरठ आने वाले यात्रियों को अब जाम के झाम से भी मुक्ति मिल गई है। वहीं, मेरठ गाजियाबाद अब मात्र 25 मिनट की दूरी रह गई है। इस एक्सप्रेसवे के खुलने से एनसीआर की कनेक्टिविटी और बेहतर हो गई। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद ने बताया कि अभी तक टोल की दर तय नहीं हुई हैं। जल्द ही ये दरें निर्धारित कर दी जाएंगी। यानी अभी कुछ दिन बिना टोल के वाहन फर्राटा भर सकेंगे।
उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों को मिलेगा जाम से छुटकारा
दिल्ली से उत्तराखंड जाने वाले लोगों को दिल्ली-मेरठ हाईवे के लंबे जाम से स्थायी रूप से छुटकारा मिल गया है। बता दें कि दिल्ली-मेरठ की दूरी को कम करने के लिए 2008 में मंथन शुरू हुआ था। फिर केंद्र में 2014 में भाजपा सरकार आने के बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निर्माण की कवायद शुरू हुई। 2015 दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। पहले प्रोजेक्ट को नवंबर 2019 में पूरा करने की समय सीमा तय की गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों और फिर कोरोना महामारी के चलते प्रोजेक्ट करीब डेढ़ साल देरी से शुरू हो सका।
टोल की दरें एक सप्ताह बाद तय
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे पर टोल दरों के मामले में अभी पेंच फंस हुआ है। एक्सप्रेस-वे आखिरी दोनों चरणों के शुरू होने के साथ अन्य दो चरणों में किमी के हिसाब से टोल की दरों का निर्धारण मंत्रालय स्तर से किया जाएगा। अगले सप्ताह तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर टोल की दरें निर्धारित होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में एक्सप्रेसवे शुरू होने के साथ ही लोग कुछ दिन बगैर टोल के सफर कर सकेंगे।
वाहनों के अंदर बैठे यात्रियों तक तीसरी नजर
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की रफ्तार और चलती हुई गाड़ी की नंबर प्लेट पर नजर रखने को कुल 170 सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं। कैमरों की मदद से हर पल वाहनों पर नजर रखी जा रही है। गाड़ी की स्पीड से लेकर गाड़ी में अंदर बैठे यात्री तक पर एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) कैमरों की मदद से नजर रखेगी।
Published on:
1 Apr 2021, 10:41 AM IST
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