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दिनेश खटीक के मंत्री बनते ही हस्तिनापुर की राजनीति में घमासान, पूर्व विधायक ने खोला मोर्चा

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि हस्तिनापुर क्षेत्र के खादर में तटबंध बनाने में लगभग 10 करोड़ का घोटाला हुआ है। इसके लिए वह मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे।
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मेरठ

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Nitish Pandey

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Updated: 29 Sep 2021, 2:00 PM IST

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मेरठ. टीम योगी में शामिल हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एकमात्र विधायक हस्तिनापुर के दिनेश खटीक के मंत्री बनते ही पांडवों की कर्मभूमि में राजनीतिक घमासान मच गया है। दिनेश खटीक के मंत्री बनने के बाद जहां कई विधायकों के मंत्रिमंडल में शामिल होने का सपना टूटा और वे मायूस हुए हैं वहीं दूसरी ओर भाजपा के कुछ दिग्गज नेताओं ने भी विधायक दिनेश खटीक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

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पूर्व विधायक ने खोला मोर्चा

पश्चिमी उत्तर प्रदेश से एकमात्र खटीक समाज से विधायक दिनेश को राज्यमंत्री बनाकर भाजपा ने सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की। वहीं भाजपा ने दलित बाहुल्य पश्चिम उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के गैर जाटव वोटरों को लुभाने की कोशिश की है। राज्यमंत्री दिनेश खटीक के खिलाफ मोर्चा खोलने वालों में पहले नंबर पर हस्तिनापुर के पूर्व विधायक गोपाल काली हैं। भाजपा के इस पूर्व विधायक ने तो राज्यमंत्री बने दिनेश खटीक पर भ्रष्टाचार के भी आरोप तक लगाए हैं।

पूर्व विधायक का आरोप, पार्टी हुई हाईजैक

पूर्व विधायक गोपाल काली ने कहा कि जब हस्तिनापुर में भाजपा का कोई नाम लेने वाला नहीं था उस दौर में वे भाजपा के टिकट पर लड़े और 1991 में विधानसभा और 1994 में उप चुनाव में बसपा और सपा के साझा उम्मीदवार को कार्यकर्ताओं के बल पर हराया। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ मौकापरस्त लोगों ने अब भाजपा का हाईजैक कर लिया है।

हस्तिनापुर का चीरहरण करने वाले को बनाया मंत्री- पूर्व विधायक

उन्होंने कहा है कि हस्तिनापुर की धरती गवाह है कि पांडवों की कुलवधू द्रौपदी का हस्तिनापुर की भरी राज्यसभा में चीर हरण हुआ और चीर हरण करने वाले दुर्योधन और दुशासन को हस्तिनापुर का युवराज बनाया गया। उन्होंने कहा कि अब भी वहीं इतिहास दोहराया जा रहा है कि जो पिछले चार सालों से हस्तिनापुर का चीरहरण कर रहा है उसे सरकार में राज्यमंत्री बनाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सारी कौरव सेना को ले डूबेगा।

भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि हस्तिनापुर क्षेत्र के खादर में तटबंध बनाने में लगभग 10 करोड़ का घोटाला हुआ है। इसके लिए वह मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे। उन्होंने हर रोज एक भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने की बात कही। पूर्व विधायक गोपाल काली ने कहा कि कोई भी शुभ काम पित्रपक्ष में नहीं होता है। सरकार में मंत्रिमंडल का विस्तार पित्रपक्ष में होना शुभ संकेत नहीं है।

BY: KP Tripathi

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