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कोरोना काल में दवा के नाम पर बेच दी खड़िया, जांच में फेल पाए गए सेंपल

कोरोना संक्रमण काल के दौरान जहां एक ओर दवाइयों के भाव आसमान पर पहुंच गए थे। वहीं दूसरी ओर दवा के नाम पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करते हुए नकली समान बाजार में उतार दिया।
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मेरठ

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Nitish Pandey

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Updated: 19 Oct 2021, 5:13 PM IST

संचारी रोगो से लड़ने के लिए जारी ही दवाइयाँ और स्वास्थ्य विभाग की टीम

संचारी रोगो से लड़ने के लिए जारी ही दवाइयाँ और स्वास्थ्य विभाग की टीम

मेरठ. कोरोना महामारी की वजह से देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में हाहाकार मचा हुआ था। इस दौरान लोगों ने मरीजों की जिंदगी से खूब खिलवाड़ हुआ। कोरोना महामारी के दौर में इलाज के नाम पर नकली दवाइयां बेची गईं। कुछ दिन पहले मेरठ जनपद से पुलिस ने दवाई से सैंपल लिए थे। जिसके बाद अब ड्रग्स विभाग द्वारा लखनऊ भेजे गए चार सैंपलों की रिपोर्ट आ गई है। जो सभी मानकों पर फेल पाए गए है। मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों ने कोरोना काल में दवा के बजाय खड़िया बेच दी गई। जिसके बाद अब पुलिस ने कार्रवाई करनी शुरू कर दी है।

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ये है पूरा मामला

बता दें कि कोरोना काल में मरीज अपनी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। लेकिन पैसों के लालच में कुछ लोग उनकी जिदंगियों से खिलवाड़ करने में कसर नहीं छोड़ रहे थे। कोरोना काल में दवा के बजाय खड़िया बेच दी गई। इस मामले में ड्रग इंस्पेक्टर पवन शाक्य ने बताया कि जून 2021 में महाराष्ट्र एफडीए को फेविपिराविर के नाम की नकली दवाएं मिली थीं। इस दवा में फेविपिराविर का नाम इस्तेमाल किया जा रहा था, अंदर खड़िया थी। इसका उत्पादन मेरठ में धीरखेड़ा स्थित फैक्टरी में होना बताया गया था। जिसके चलते मुंबई पुलिस ने खरखौदा पुलिस के साथ मिलकर धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में कार्रवाई की और फैक्टरी पर सील लगा दी थी। हालांकि छापेमारी के दौरान टीम को फैक्ट्री में ऐसी कोई दवा नहीं मिली थी।

आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में दर्ज होगी रिपोर्ट

वहीं एक निजी अस्पताल और छीपी टैंक के एक मेडिकल स्टोर में भी यह दवा मिली थी, उनके नौ सैंपल जांच के लिए लखनऊ लैब भेजे थे, जिनकी रिपोर्ट अब आई है। इसमें चार सैंपल फेल निकले हैं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं इस पूरे मामले पर ड्रग इंस्पेक्टर पवन शाक्य ने बताया कि इस संबंध में मुंबई पुलिस से बात की जाएगी। उन्होंने किन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था, यह जानने के बाद उचित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

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