4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

UP पंचायत चुनाव: इन नियमों का नहीं रखा ध्यान तो प्रत्याशियों का नामांकन होगा रद्द

Highlights - प्रत्याशियों के गले की हड्डी बन सकते हैं नियम- रखना होगा नियमों का ख्याल, वरना जीत कर भी होगी हार- जिला पंचायत कार्यालय से लेने होंगे प्रत्याशियों को अदेय प्रमाण पत्र
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

मेरठ

•

image

lokesh verma

•

Updated: 10 Mar 2021, 11:03 AM IST

gram_pradhan.jpg

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. यूपी पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election) लड़ने की सोचने से पहले भावी उम्मीदवारों को इसके लिए जरूरी शर्तों और योग्यताओं के बारे में जानना जरूरी है। शासन ने जो गाइडलाइन (Guidelines) जारी की है, अगर उसका पालन नहीं किया गया तो उम्मीदवारी खारिज भी की जा सकती है। इसलिए बेहतर है कि उम्मीदवार नामांकन करने से पहले शासन की ओर से जारी गाइडलाइन और पंचायती एक्ट (Panchayati Act) को भी जान लें, क्योंकि प्रत्याशी होने के लिए आवश्यक अहर्ताओं को यदि आप पूरा नहीं करते तो प्रत्याशिता नामांकन के बाद रद्द कर दी जाएगी। इसके साथ प्रत्याशी अगर चुनाव जीत जाते हैं और नियमों का पालन नहीं किया है, तब भी अयोग्य करार दिए जा सकते हैं। ग्राम प्रधान, ग्रामसभा सदस्य, जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य बनने की इच्छा रखने वाले प्रत्याशियों को इन नियमों का हर हाल में ध्यान रखना होगा। वरना वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

यह भी पढ़ें- आज से फ्री बनेंगे आयुष्मान कार्ड, मिलेगा पांच लाख तक का मुफ्त इलाज, जानें कैसे और कहां बनवा सकतें हैं कार्ड

इन नियमों का रखना होगा विशेष ध्यान

संयुक्त प्रान्त पंचायत राज अधिनियम 1947 और उप्र पंचायत राज नियमावली 1994 में दिए गए प्रावधानों के मुताबिक ग्राम प्रधान पद, ग्राम सभा सदस्य पद, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद और जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने वाला व्यक्ति यदि जिला पंचायत कार्यालय का बकाएदार हो, संपत्ति एवं विभव कर का भी बकायेदार हो, यदि वो लाइसेंस लिए बिना ही दुकान चला रहा हो तो वह चुनाव लड़ने के अयोग्य माना जाएगा। इसलिए चुनाव लड़ने के इच्छुक व्यक्ति नियमों की अनदेखी किए बिना ही समय पूर्व जिला पंचायत कार्यालय से संपर्क कर अपने सभी बकाया कर को जमा करने के साथ विभिन्न पदों के लिए अदेय प्रमाण पत्र ले लें। जिला पंचायत कार्यालय द्वारा जारी होने वाले अदेयता प्रमाण पत्र के निर्धारित शुल्क जमाकर उसकी रसीद लेकर आप निश्चिंत होकर चुनाव लड़ें, ताकि किसी भी प्रकार की असहज स्थिति का सामना आपको न करना पड़े।

इतने रुपए शुल्क देकर प्राप्त किया जा सकेगा आदेश प्रमाणपत्र

जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी अपने नामांकन के पूर्व 700 रुपए, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ने वाले 500 रुपए, ग्राम प्रधान पद के लिए 600 रुपए ग्राम सभा सदस्य पद के लिए 150 रुपए जमा कर प्रत्याशी अपना अदेय प्रमाण पत्र प्राप्त कर चुनाव लड़ने की आवश्यक अहर्ताओं को पूरा कर ही मैदान में उतर सकता है।

यह भी पढ़ें- 31 मार्च तक ही यह बैंक दे रहा सबसे सस्ता लोन, 1 अप्रैल से बदल जाएंगी ऐसी और भी कई चीजें, जिसका जेब पर पड़ेगा सीधा असर

बड़ी खबरें

View All

मेरठ

उत्तर प्रदेश