
मेरठ। बुधवार की देर रात और गुरुवार दोपहर को मेरठ और आसपास हुई तेज बारिश ने लोगों को ठिठुरने के लिए मजबूर कर दिया है। उत्तर क्षेत्र के पहाड़ी क्षेत्रों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पांच से सात मार्च तक वेस्ट यूपी, दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश होने का अंदेशा है। इसकी शुरुआत चार की रात को ही हो गई है। मार्च के शुरुआती पांच दिनों में 18 साल पुराना रिकार्ड टूटा है। अगले दो दिनों में 30 से 40 मिमी तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मार्च शुरू होने के साथ ही ठंड को अलविदा कहने वालों की उम्मीदों को बेमौसम बारिश ने बदल दिया है। मार्च के पहले ही सप्ताह में होने वाली बारिश ने करीब 18 वर्षो के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक मेरट और आसपास समेत वेस्ट यूपी के कई जनपदों में लो एयर प्रेशर जोन बनने की वजह से पहाड़ों के बादल मैदान को भिगो रहे हैं। वहीं, हवा की बदलती दिशा भी बारिश के मुख्य वजहों में से एक है। बेमौसम बारिश से पारे की गिरावट ने एक बार फिर से लोगों को गर्म कपड़ों से लैस होने पर मजबूर कर दिया है।
मौसम विभाग के मुताबिक वेस्ट यूपी के जनपदों पर बादलों को जमावड़ा है जो कि करीब 48 घंटे तक भारी बारिश कर सकते हैं। बुधावार की रात से गुरुवार की दोपहर तक 0.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। इस वर्ष मार्च के पहले हफ्ते में ही इतनी बारिश हो गई जितनी पूरे मार्च में होती है। बता दें कि 18 वर्ष पहले मार्च माह के पहले सप्ताह में 1.2 मिमी बारिश हुई थी। उसके बाद से अमूमन किसी वर्ष न के बराबर ही बारिश हुई थी। बरसात से जनजीवन अस्त व्यस्त होने के साथ फसलें भी बर्बाद हो गई है। फरवरी माह में गुनगुनी धूप निकलने से पारा में उछाल दर्ज की जा रही थी। पारा कई डिग्री तक बढ गया था, लेकिन मार्च की शुरुआत में बारिश के बाद से पारा धड़ाम होना शुरू हो गया है। किसानों ने बारिश से फसल के नुकसान की चिंता जताई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो दिन यानी 6 व 7 मार्च को मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। इससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
Published on:
5 Mar 2020, 2:06 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.