मेरठ। पिछले साल दिसंबर में जब नगर निगम चुनाव हुए थे, तो लोगों ने अपने-अपने वार्ड के उम्मीदवारों को इसलिए जिताया था कि उनकी समस्याएं नगर निगम के सदन में उठेंगे आैर बेहतर फैसले के साथ उनके काम होंगे, लेकिन पार्षद हर बैठक को अखाड़ा बना देते हैं। दिसंबर से अब तक पांच बैठकें हुर्इ हैं, लेकिन कोर्इ भी बैठक अभी तक पूरी नहीं हुर्इ है। हर बैठक के शुरू में कोर्इ न कोर्इ एेसा मुद्दा उछाल दिया जाता है कि भाजपा, बसपा, सपा आैर कांग्रेस पार्टी के पार्षद आपस में भिड़ जाते हैं आैर फिर लात-घूंसे व एक-दूसरे के कपड़े फाड़ स्पर्द्धा होती है। बैठक बेनतीजा समाप्त होती है। शनिवार को हुर्इ बैठक में भी एेसा ही हुआ। चार दिन में एेसा दूसरी बार हुआ।