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यूपी के इस शहर में मुस्लिम महिलाएं बोलीं, कसम खुदा की खाते हैं हम राम मंदिर वहीं बनाएंगे

हिन्दुओं के साथ ही इस शहर की मुस्लिम महिलाओं ने भी लिया राम मंदिर बनाने का सौगंध
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मेरठ

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Iftekhar Ahmed

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Updated: 25 Nov 2018, 8:38 PM IST

Ram Mandir

यूपी के इस शहर में मुस्लिम महिलाएं बोली, कसम खुदा की खाते हैं हम राम मंदिर वहीं बनाएंगे

मेरठ। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की संयोजिका शाहीन परवेज द्वारा आयोजित की गई बैठक में धार्मिक शिक्षा देने वाली मुस्लिम महिलाओं ने भाग लिया। महिलाओं ने देश और समाज के विभिन्न मुद्दो पर अपने विचार खुले मन से रखे। कार्यक्र में दर्जनों मुस्लिम महिला धर्मगुरू ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की सह संयोजिका शाहीन परवेज ने किया। उन्होेंने कहा कि हम हिन्दुस्तान में रहते हैं तो हमको अपने देश और इसमें रहने वाली सवा सौ करोड़ जनता के बारे में सोचना होगा। इसमें सभी कौम और धर्मों के लोग हैं। आज मुस्लिमों में ज्ञान की कमी है, जिसे मुस्लिम महिलाएं आगे आकर पूरा कर सकती हैं। उनको देश हित में फैसले लेेने के लिए कहा तो सभी महिलाओं ने एक सुर में आवाज उठाई कि कसम खुदा की खाते हैं हम मंदिर वहीं बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि हमें देश में एकता, प्यार और भाईचारा व सद्भावना कायम करने में मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब हम अल्पसंख्यक बनकर नहीं रहेंगे। यह देश हमारा है। हम अपने इस देश के मालिक हैं, मालिक बनकर रहेंगे। बैठक को राष्ट्रीय एकता मिशन की कार्यकारिणी सदस्य सबुही खान ने कहा कि श्री राम मन्दिर हमारी सनातन संस्कृति का प्रतीक है और हम अपनी वफादारी अपने देश की संस्कृति से जोड़ कर रखते हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम का तुष्टिकरण बहुत हो गया। अब हम अपने देश में अल्पसंख्यक बनकर नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक वह होता है, जो कि दूसरे देश से आकर बसे हों। हम अपने ही देश में अल्पसंख्यक कैसे हो गए। उन्होंने कुछ राजनैतिक दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि अपने चंद वोटों की खातिर लोग मुस्लिमों को अल्पसंख्यक का दर्जा देते रहे हैं। अपने ही देश में हमको अल्पसंख्यक बनाकर रख दिया गया है, जो कि अब नहीं चलेगा। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं से समाज में आगे आने की बात कही।