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मेरठ. केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पंचायतों को हाईटेक करने की पूरी तैयारी कर चुकी है। सरकार की योजना है कि हाईटेक युग में गांवों की सरकार भी कंप्यूटर में दक्ष हो। ग्राम पंचायतों में 100 फीसद ई-गर्वनेंस व्यवस्था लागू करने की कवायद इसीलिए तेजी से चल रही है। ग्राम पंचायतों में सभी काम ऑनलाइन हों सकें। इसके लिए पंचायत सहायकों की भर्ती प्रक्रिया भी अंतिम दौर में पहुंच गई है। ग्राम पंचायतों में सभी काम ऑनलाइन किए जाएं, इसके लिए प्रधानों को भी कंप्यूटर की पूरी जानकारी दी जाएगी। जो प्रधान निरक्षर हैं उन्हें कंप्यूटर में दक्ष बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। जिससे वह बिना किसी की मदद के अपने सभी काम ऑनलाइन कर सकें।
नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों को मिलेगा प्रशिक्षण
मेरठ मंडल के छह जिलों में 2196 ग्राम पंचायतें हैं। ऐसे में तमाम ऐसे प्रधान हैं, जिनके पास प्रोफेशनल डिग्री है। लेकिन इनमें कई प्रधान ऐसे भी हैं, जो निरक्षर हैं। पंचायत राज विभाग नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों को प्रशिक्षण देकर उनके दायित्व की संपूर्ण जानकारी दी जा रही है। ई-गर्वनेंस में सभी काम ऑनलाइन ही होंगे। इसके लिए ग्राम प्रधानों की ई-मेल आइडी होगी। उनके डिजिटल हस्ताक्षर होंगे। प्रस्ताव बनवाने से लेकर भुगतान तक की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन ही होगी।
ई-गर्वनेंस व्यवस्था का कराया जाएगा अनुपालन
जिला पंचायत राज अधिकारी मेरठ रेनू सिन्हा का कहना है कि शासन के आदेश अनुसार ई-गर्वनेंस व्यवस्था का अनुपालन कराया जाएगा। प्रधानों को इंटरनेट की संपूर्ण जानकारी दी जाएगी। जो प्रधान निरक्षर हैं, उन्हें भी कंप्यूटर में दक्ष बनाया जाएगा।
ग्राम पंचायतों में इस सप्ताह मिल सकती है नियुक्ति
ग्राम पंचायतों में एक-एक पंचायत सहायक की नियुक्ति होनी है। इसकी प्रक्रिया अंतिम दौर में चल रही है। संभावना है कि इस सप्ताह में नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। एक साल के लिए तैनाती होगी। छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा।
BY: KP Tripathi
Published on:
20 Sep 2021, 10:29 AM IST
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