
मेरठ। एक ओर जहां गरीबों को घर देने के लिए सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना चला रही है वही मेरठ के नगर निगम के अधिकारी इस योजना में भी गरीबों का खून चूसने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मेरठ के नगर निगम परिसर का है। जहां पर नोटरी की दुकान पर लोगों ने हंगामा कर दिया लोगों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए अधिकारियों ने एफिडेविट मंगाया था और जब इस योजना के पात्र लोग एफिडेविट बनवा कर अधिकारी के पास ले गए तो उन्होंने किसी का एफिडेविट फाड़ दिया तो किसी को वापस भेज दिया गया। हंगामा करने वाले लोगों की मानें तो नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ रजत नोटरी वाले से बनाया हुआ एफिडेविट ही मान्य होगा। लोगों का आरोप था कि रजत नोटरी वाले के पास गए तो जो एफिडेविट किसी और दुकान पर 70 में बन रहा है वही एफिडेविट रजत 300 में बना रहा है। उसके बाद लोगों ने हंगामा कर दिया।
लोगों ने लगाए अधिकारियों पर आरोप
सब लोगों की यह समस्या सुनने के बाद जब मीडिया टाउन हाल के उस कमरे में पहुंची, जहां पर आवासीय योजना के एफिडेविट जमा हो रहे थे। मीडिया को देखते ही वहां बैठे कर्मचारी भागते नजर आए। लोगों ने अधिकारी के सामने ही उन पर आरोप लगाने शुरू कर दिए अधिकारी भी अपने सच्चाई बताते हुए बोला कि वह वही कार्यरत है और एफिडेविट किसी भी दुकान का हो वह मान्य होगा। लोगों ने किसी भी दुकान का लाया एफिडेविट जमा करने के लिए बोल दिया।
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Published on:
31 Mar 2018, 1:18 PM IST
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