
मेरठ। जनपद के नोडल अधिकारी व प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार सिंह ने अधिशासी अभियंता प्रान्तीय खंड व निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग कार्यालय का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने बचत भवन में जनपद के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बैठक में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर अधिकारियों के पेंच कसे। उन्होंने कहा कि अफसर अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाएं।
उन्होंने ई-टेंडरिंग प्रक्रिया को अपनाने के लिए कहा तथा गड्ढामुक्ति में किये गये कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन्टर विलेज रोड की स्थिति व प्रगति जानते हुये ऐसी सड़क जिनका स्वामित्व तय नहीं है। उन सड़कों को लोनिवि को हस्तानांतरित कराने के लिए पत्राचार करने के लिए कहा, ताकि उनका रख-रखाव ठीक प्रकार से किया जा सके। नोडल अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने प्रान्तीय खंड लोनिवि का निरीक्षण कर वहां ओडीएम, एमडीआर व आईवीआर की सडकों की जानकारी ली। उन्होंने गड्ढामुक्ति अभियान में किये गये कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने लेखाकार से पूछा कि बजट में कितनी डिजीट होती है, तब लेखाकार ने उत्तर दिया कि तेरह डिजीट होती है। जिस पर उन्होंने अपनी सहमति व्यक्त की तथा बजट से संबंधित अन्य प्रश्न भी पूछे, जिसका लेखाकार ने सही उत्तर दिया।
प्रान्तीय खंड के निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी राजेश कुमार सिंह को बताया गया कि जिला योजना के अंतर्गत जनपद में लगभग 15 लाख रुपये से दो सड़कें बनायी जा रही हैं तथा जनपद के 12 ब्लॉकों में से सात ब्लॉक प्रान्तीय खंड व पांच ब्लॉक निर्माण खंड के पास है। साथ ही नानू का पुल के लिए 72 मीटर व चार लेन के नवनिर्माण के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव एनएचएआई द्वारा बनाकर स्वीकृति हेतु भेजा गया है। नोडल अधिकारी ने प्रशासनिक अधिकारी कार्यालय कक्ष, कैशियर कक्ष आदि का निरीक्षण किया। निर्माण खंड के निरीक्षण के दौरान उन्होंने गड्ढामुक्ति अभियान की समीक्षा की। इस अवसर पर जिलाधिकारी अनिल ढींगरा, मुख्य विकास अधिकारी ईशा दुहन, अधिशासी अभियंता प्रान्तीय खंड लोनिवि सीपी सिंह, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड लोनिवि उपस्थित रहे।
Published on:
23 Nov 2019, 1:22 PM IST
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