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क्या जाटलैंड में राहुल की भारत जोड़ो यात्रा दिखा पाएगी रंग? बागपत में 27, कैराना में 39 साल से है सूपड़ा साफ

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पश्चिम यूपी के बागपत और शामली के लिए भी काफी अहम है। दोनों जिलों में पिछले दो दशक से कांग्रेस वनवास झेल रही है।
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मेरठ

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Kamta Tripathi

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Updated: 4 Jan 2023, 3:27 PM IST

क्या जाटलैंड में राहुल की भारत जोड़ो यात्रा दिखा पाएगी रंग? बागपत में 27, कैराना में 39 साल से है सूपड़ा साफ

भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत से पहले हनुमान मंदिर के महंत राहुल गांधी को पटका पहनाते हुए

जाटलैंड के नाम से पहचान रखने वाले पश्चिम यूपी के जिला बागपत और शामली में कांग्रेस कई दशक से अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत नहीं कर पा रही है। बागपत लोकसभा से कांग्रेस के टिकट पर आखिरी बार चौधरी अजित सिंह वर्ष 1996 में जीत दर्ज करा पाए थे। उसके बाद से चौधरी अजित सिंह बागपत में रालोद के चुनाव चिन्ह से चुनाव लड़ते रहे थे।


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शामली की कैराना लोकसभा सीट पर कांग्रेस के टिकट पर 1984 में आखिरी बार अख्तर हसन सांसद बने थे। इस तरह से बागपत में 27 साल तो कैराना में 39 साल से कांग्रेस अपनी खोई जमीन तलाश रही है। भारत जोड़ो यात्रा में कांग्रेस को जाटलैंड के बड़े किसान संगठन भाकियू का साथ मिलने से उम्मीद जग रही है।


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हर प्रातीय अध्यक्ष को टास्क
यात्रा को लेकर प्रांतीय अध्यक्ष को टास्क मिला है। हर प्रभार वाले जिलों को अधिक से अधिक लोगों की भीड़ जुटाने को कहा है। संख्या बल से तय होगा कि कौन, कितना जनता के बीच पकड़ बनाता है। हाईकमान मॉनिटरिंग कर रहा है। पार्टी नेताओं का दावा है कि हर जिले से भारी संख्या में लोग यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं।

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