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कैराना में धमाकेदार जीत का अहसास रालोद एेसे कराएगी भाजपार्इ सूरमाआें को, यह चल रही तैयारी

कैराना में जीत से रालाेद को मिली है नर्इ सियासी जमीन
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 6 Jun 2018, 6:12 PM IST

meerut

रालोद कैराना में धमाकेदार जीत का अहसास एेसे कराएगी भाजपार्इ सूरमाआें को, यह चल रही तैयारी

मेरठ। कैराना उपचुनाव में जीत से उत्साहित रालोद को मिली संजीवनी ने पार्टी को एक बार फिर से राजनीतिक अखाड़े में खड़ा कर दिया है। अपनी इस जीत के जश्न को रालोद कम नहीं होने देना चाहता। इसी कड़ी में रालोद कैराना जीत के बहाने वहां पर जश्न मनाकर वेस्ट यूपी में अपनी ताकत का अहसास भाजपा सूरमाओं को कराना चाहता है।

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जीत को एेतिहासिक बनाने में जुटा रालोद

राष्ट्रीय लोकदल इस जीत को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में जुटा है। बिहार और कर्नाटक की तर्ज पर शामली जीत के जश्न को रालोद बड़ी रैली के रूप में मनाना चाहता है। जिसमें गैर बीजेपी दल विपक्ष मिलकर गठबंधन की एकता को मजबूती देने का प्रयास करेंगे। 2019 का सेमीफाइनल कहे जा रहे कैराना उपचुनाव में दावा किया जा रहा था कि इस चुनाव में हार-जीत देश की राजनीतिक तस्वीर का रंग बदल देगी। कैराना जीत के बाद ही अब सही मायने में विपक्षी एकता देखने को मिलेगी। कैराना चुनाव में रालोद का सर्वस्व ही दाव पर लगा था। अगर यह उपचुनाव भाजपा जीत जाती तो रालोद को कहीं भी पैर जमाने की जगह नहीं मिलती।

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कैराना में जीत से फ्रंट पर आया रालोद

हाशिए पर दिख रही रालोद को कैराना जीत ने राजनैतिक फ्रंट पर खड़ा कर दिया। इसके चलते गठबंधन के राजनीतिक गलियारों में भले ही थोड़ा सा ही सही, लेकिन कुछ तो महत्व मिला ही। कैराना जीत के हीरो के रूप में जयंत चौधरी एक परिपक्व युवा नेता के तौर पर तेजी से उभरे हैं। चौधरी अजित सिंह ने आश्वस्त होकर बेटे के हाथ में पार्टी की बागडोर सौंप दी है। साथ ही आने वाले प्रमुख आयोजनों में अजित सिंह जयंत को ही भेज रहे हैं।

उपचुनाव में दिखी सियासी दलों की एकजुटता

राजस्थान में हो रहे किसान आंदोलन में जयंत चौधरी को बतौर मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था। रालोद मुख्यालय में होने वाली रोजा इफ्तार पार्टी और सांसद तबस्सुम हसन के स्वागत समारोह में भी जयंत को मुख्य अतिथि बनाया गया है। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव डा. मैराजुद्दीन का कहना है कि कैराना में दलों की एकजुटता और उनकी सफलता से भाजपा बौखलाई हुई है। इसको और मजबूत करने के उद्देश्य से ही पार्टी यह कार्यक्रम बना रही है कि एक बड़ी रैली का आयोजन किया जाए और यह कैराना में ही हो। इसके लिए तिथि फाइनल की जानी है। जिसको जल्द ही फाइनल कर घोषित कर दिया जाएगा।

दलों को किया जाएगा आमंत्रित

डा. मैराजुद्दीन के अनुसार जनता के आभार जताने के नाम पर की जाने वाली इस रैली में सभी गैरभाजपाई दलों को आमंत्रित किया जाएगा। खासकर गठबंधन की पक्ष में एकजुट होने वालों को बुलाया जाएगा। रैली में बिहार की तर्ज पर विपक्षी एकजुटता के लिए कर्नाटक में हाल ही में सीएम के शपथ ग्रहण समारोह के मौके पर जुटे विपक्षी नेताओं को बुलाने की योजना है। इसमें रालोद के अलावा, बसपा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, आप, पीस पार्टी, महान दल के बड़े नेता शिरकत करेंगे। इसके अलावा जनता का आभार जताने के लिए तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, बिहार और पश्चिमी बंगाल के मुख्यमंत्रियों को भी मंच में मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया जाएगा। फिलहाल रमजान के कारण कुछ दिनों के लिए इस आयोजन को टाला जा रहा है, लेकिन शीघ्र ही इसकी तिथि की घोषणा कर दी जाएगी।

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