
यूपी के इस जिले में पुलिस वाले चला रहे थे लुटेरी महिलाओं का गैंग, अब हुआ ऐसा हाल
मेरठ. अब तक आप ने पुलिसकर्मियों के बड़े-बड़े कारनामे देखे और सुने होंगे, लेकिन ये कारनामा कुछ अलग ही है। इसको पढ़कर आप खुद दंग रह जाएंगे। जिन पुलिस कमिर्यों पर लोगों को अपराध से बचाने और अपराधियों पर नकेल कसने की जिम्मेदारी थी। यहां वही पुलिसकर्मी महिलाओं के साथ मिलकर कार चालकों के साथ लूट का खेल खेल रहे थे।
इन पुलिसकमिर्यों के गैंग में शामिल महिलाएं हाई-वे पर लिफ्ट लेने के बाद कार चालकों पर रेप का आरोप लगाकर उन्हें ब्लैकमेल करती थी। महिलाओं की शिकायत पर ये पुलिस वाले कार चालकों को आरोपी बनाकर थाने ले जाती थी। फिर वहां पर सेटलमेंट के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी। जब इसकी शिकायत एसएसपी वैभव कुमार को लगी तो उन्होंने एक मामले के सेटलमेंट के दौरान छापा मारकर एक दरोगा और तीन सिपाहियों समेत 15 लोगों को 50 हजार रुपए लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
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नोएडा से गिरफ्तार हुए सभी चारों पुलिसकर्मियों सहित 15 लोगों को कड़ी सुरक्षा में मंगलवार को मेरठ के एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। पेशी के दौरान आरोपियों को परिजनों से भी मिलने नहीं दिया गया। गौरतलब है कि मेरठ मंडल की एंटी करप्शन कोर्ट मेरठ कचहरी में है।
गिरोह में सेक्टर 39 की कोतवाली के सेक्टर 44 के चौकी इंचार्ज सुनील शर्मा के अलावा पीसी आर के तीन सिपाही और दो महिलाएं सहित 15 लोग शामिल थे। ये लोग शिकार से सेक्टर 39 की कोतवाली के सेक्टर 44 की चौकी में ब्लैकमेल की डीलिंग करते थे। गौतमबुद्ध नगर के एसएसपी वैभव कृष्ण ने इन सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था । जहां से मंगलवार को इनकी पेशी एंटी करेप्शन कोर्ट में थी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद सभी 15 आरोपियों को 14 दिन की न्याययिक हिरासत में जेल भेज दिया।
Published on:
11 Jun 2019 07:13 pm
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