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बॉलीवुड वालों की खैर नहीं! फिल्मों के जरिए हिंदुओं की भावनाओं को नहीं कर पाएंगे आहत, बन गया प्लान बस एक्शन बाकी

हिंदी फिल्म पठान को लेकर आहत हुई धार्मिक भावनाओं से हिंदुओं और संतों समाज में बहुत रोष है। अब बालीवुड में ऐसी फिल्म बनाने वालों की खैर नहीं। इसके लिए प्लान तैयार हो गया है अब एक्शन बाकी है।
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मेरठ

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Kamta Tripathi

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Updated: 4 Jan 2023, 3:46 PM IST

बॉलीवुड वालों की खैर नहीं! फिल्मों के जरिए हिंदुओं की भावनाओं को नहीं कर पाएंगे आहत, बन गया प्लान बस एक्शन बाकी

भारतीय फिल्म सेंसर बोर्ड को नए सिरे से गठन करने की मांग

बालीवुड की फिल्मों में आहत करने वाले दृश्यों का फिल्मांकन किया जा रहा है। ऐसे दृश्यों से हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।

कुछ फिल्मों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और सभ्यता की छवि को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। इससे नई पीढ़ी के मन में गलत असर पड़ रहा है। इसको रोकने के लिए धर्म सेंसर बोर्ड प्रस्तावित किया है। ये बातें मेरठ पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कही।


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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि धर्म सेंसर बोर्ड का जल्द ही पंजीकरण होगा। धर्म सेंसर बोर्ड का कार्यालय दिल्ली-एनसीआर में खोला जाएगा। इसके अलावा देश के सभी प्रदेशों के मुख्यालय में इसके कार्यालय खोले जाएंगे।


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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मेरठ में एक व्यापारी के घर पहुंचे थे। जहां पर उन्होंने फिल्मो में हिंदू धर्म को तोड़मरोड़ कर पेश करने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारतीय फिल्म सेंसर बोर्ड ऐसी फिल्मों को पास क्यों करता है। जो फिल्में समाज में गंदगी फैलाती हैं। धर्म के नाम पर अश्लीलता परोसने का काम करती हैं।

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