
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
मेरठ. 15 दिन के भीतर दूसरा सूर्यग्रहण आ रहा है। इस बार ग्रहण की समयावधि 5 घंटा 20 मिनट की होगी। बता दें कि आज साल का अंतिम सूर्य ग्रहण लग रहा है। इससे पहले 30 नवंबर को पूर्णिमा उपछाया चंद्रमा ग्रहण लगा था। मार्गशीर्ष की अमावस्या पर खंडग्रास सूर्य ग्रहण लग रहा है। ग्रहण आज शाम 7:03 बजे से शुरू होगा और रात 12: 23 बजे पर खत्म होगा। सूर्य ग्रहण की अवधि लगभग पांच घंटे 20 मिनट रहेगी। यह सूर्य ग्रहण वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र में लग रहा है। आज ही सोमवती अमावस्या भी है।
आचार्य हबीब ने बताया कि वृश्चिक राशि वालों को इस दौरान सूर्य की आराधना करनी चाहिए हालांकि, यह भारत में नहीं दिखेगा। ऐसे में न तो धार्मिक विधान मान्य होंगे न ही सूतक का मान होगा। सूर्य ग्रहण दक्षिणी अफ्रीका, अधिकांश दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक और हिंद महासागर और अंटार्कटिका में पूर्ण रूप से नजर आएगा। आचार्य आनंद दुबे ने बताया कि सूतक काल मान्य न होने की वजह से मंदिरों के कपाट बंद नहीं किए जाएंगे और न ही पूजा-पाठ वर्जित होगा। ग्रहण के समय महामृत्युंजय मंत्र का जाप दान कर सकते हैं। ग्रहणकाल के बाद गंगाजल छिड़क कर शुद्धिकरण कर लें। अगले दिन तांबा, गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र और तांबे की कोई वस्तु दान कर सकते हैं।
Published on:
14 Dec 2020 02:37 pm
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