
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ। 25 नवंबर को अपने घर से निकलकर रोडवेज बस से सफर करने की सोच रहे हैं तो जरा संभल जाएं। हो सकता है रोडवेज बसों का संचालन ठप होने से यात्रा में व्यवधान पड़े। इसलिए सोच समझकर ही घर से निकलें। दरअसल, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम कर्मचारी अधिकारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के नेतत्व में 25 नवंबर को प्रदेश भर के कर्मचारी धरना प्रदर्शन करेंगे। सात सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी नेता जिलाधिकारी को प्रमुख सचिव परिवहन के नाम ज्ञापन सौपेंगे। एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में प्रदेश भर के करीब 40 हजार कर्मचारी शामिल होंगे। इनमें सबसे ज्यादा संख्या चालक परिचालकों की होगी। ऐसे में रोडवेज बसों का संचालन बाधित हो सकता है।
मोर्चा की ओर से तीन नवंबर 2020 को एक नोटिस प्रमुख सचिव परिवहन और प्रबंधक निदेशक को दिया गया था। जिसमें राष्ट्रीयकृत मार्गों का स्वरूप बदलने, अंतर्राज्जीय बस परमिट पर रोक, संविदा कर्मचारियों के वेतन पर 50 फीसदी लोड फैक्टर के बैरियर को समाप्त करने, संविदा 2001 तक के कार्मिकों को तत्काल शासनादेश के अनुसार नियमित करने की मुख्य मांग पत्र मोर्चा की ओर से दिया गया है।
मेरठ में मोर्चा के प्रवक्ता ब्रहमपाल सिंह ने बताया कि धरना—प्रदर्शन कार्यक्रम मेरठ रीजन के सभी जिलों में एक साथ होगा। इसमें करीब दो हजार के आसपास नियमित कर्मचारी व अधिकारियों के अलावा काफी संख्या में संविदा कर्मचारी शामिल होंगे। क्षेत्रीय प्रबंधक एवं सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के माध्यम से प्रबंध निदेशक को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। इसके बाद डीएम कार्यालय तक पैदल मार्च कर उनको ज्ञापन सौंपा जाएगा। जो कि परिवहन मंत्री व उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा।
Published on:
24 Nov 2020, 10:52 AM IST
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