
मेरठ। मेरठ में हत्या का ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसको सुनकर हर कोई हैरान है। दरअसल, नौ साल पहले एक युवक का शव खेत में पड़ा मिला था। उसकी शिनाख्त होने के बाद परिजनों ने ज्यादा शराब पीने की वजह बताते हुए पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया था। युवक के पिता को इस पर शक था, इसलिए शव मिलने के कुछ दिन बाद पुलिस अफसरों से मिलकर जांच की मांग की थी। शव को कब्र से निकलवाकर जब जांच शुरू हुई तो नौ साल बाद हत्या होने का खुलासा किया गया। पुलिस के अनुसार 10 सितंबर 2010 को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के संजय नगर स्थित खेत में अज्ञात शव मिला था। शव की शनाख्त शेरू उर्फ शेरूद्दीन (40) निवासी ग्राम सैनी थाना इंचौली के रूप में हुई थी।
शक होने पर की थी शिकायत
शेरू के भाई सिराजुद्दीन ने थाने पर तहरीर देकर बताया था कि शेरू शराब पीता था और शराब पीने के कारण ही उसकी मौत हुई है। बिना पोस्टमार्टम व पुलिस कार्रवाई के शेरू के शव को सपुर्द-ए-खाक कर दिया गया था। कुछ दिन बाद ही शेरू के पिता जमील ने पुलिस अफसरों से मिलकर हत्या का अंदेशा जताया था। अफसरों के निर्देश पर पुलिस ने शेरू का कब्र से शव निकालकर बिसरा जांच के लिए भिजवाया गया। जांच रिपोर्ट ने हत्या की पुष्टि की।जांच रिपोर्ट में सामने आया कि शेरू की मौत ऑर्गेनोक्लोरो इंसेक्टीसाइड व इथाइल एल्कोहल से हुई थी। इसके बाद सिविल लाइन पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करके जांच शुरू की।पुलिस ने शेरू के तीनों बच्चों से भी पूछताछ शुरू की। जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन शेरू अपनी ससुराल में था। उसकी पत्नी रुखसाना ने अपनी ससुराल में फोन करके बताया था कि शेरू ने जहर खा लिया है, जिसे अस्पताल ले जा रहे हैं। लेकिन शेरू का शव मेरठ में खेत में पड़ा मिला था। पुलिस ने जांच में पत्नी रुखसाना से पूछताछ शुरू की। जब रुखसाना से गहन पूछताछ की गई तो उसने बात कबूल कर ली।
कार खरीदने के लिए उधार लिया था
पुलिक के अनुसार रुखसाना ने बताया कि गुलावठी बुलंदशहर निवासी उसके भाइयों खुर्शीद और रुखसार ने पति शेरू से कार खरीदने के लिए रुपये उधार लिए थे। रुपये नहीं लौटाने पर शेरू उसके भाइयों की बेइज्जती करता था। रुखसाना जब भाइयों का पक्ष लेती थी तो शेरू उसकी पिटाई करता था। इसका बदला लेने के लिए हत्या की साजिश रची गई थी। शेरू को ससुराल गुलावठी में शराब में कीटनाशक मिलाकर पिलाया गया। इससे उसकी मौत हो गई। बाद में शव मेरठ लाकर खेत में फेंक दिया गया था। सीओ सिविल लाइन हरिमोहन सिंह का कहना है कि शेरू की हत्या में पुलिस की जांच में पत्नी और ससुराल वालों के नाम सामने आए हैं। इसके आधार पर रूखसाना, उसके भाइयों खुर्शीद व रूखसार को गिरफ्तार किया गया।
Published on:
24 Oct 2019, 1:43 PM IST
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