
मेरठ. बीते दिनों मेरठ अपराध की समीक्षा करने के लिए आए सूबे के पुलिस मुखिया ने अपराध रोकने के लिए एडीजी जोन राजीव सभरवाल, आईजी प्रवीण कुमार को विशेष निर्देश दिए थे। इसके अलावा मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, सहारनपुर, शामली, बागपत व गाजियाबाद के पुलिस अधिकारियों को महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों में कमी लाने के निर्देश दिए थे। लेकिन, इसके बाद भी जोन में अपराध का ग्राफ कम नहीं हो रहा है।
अपराध पर लगाम लगाना पुलिस के लिए चुनौती
पुलिस के तमाम दावों के बावजूद अपराध बढ़ा है। दुष्कर्म, छेड़छाड़, लूट-चोरी, रंगदारी, पुलिस पर हमले समेत अन्य अपराध की वारदातें पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। यही नहीं महिलाओं से छेड़छाड़ और मोबाइल लूट की घटनाएं रोकने में भी पुलिस नाकाम साबित हुई है। आपराधिक घटना का खुलासा करने में पुलिस को पसीने छूट रहे है। पुलिस पर हमला करने वालों पर सत्ताधारी नेता के दबाव में कार्रवाई करने से भी पुलिस हाथ खींच रही है।
शादी का झांसा देकर किया रेप
पुलिस का ही रिकॉर्ड देखें तो एक महीने में दोगुना अपराध हुआ है। बीते दिनों ही जिले के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में एक युवती ने पड़ोसी युवक पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। युवती ने थाने में तहरीर दी है। थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती एक निजी स्कूल की छात्रा है। बताया जाता है कि पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने शादी करने का झांसा देकर उसे प्रेमजाल में फंसाया और शारीरिक संबंध बना लिए। इस दौरान चुपके से उसने युवती के साथ अश्लील वीडियो भी बना ली। लेकिन अभी तक इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
लालकुर्ती में भी हुई थी छात्रा से छेड़छाड़
ऐसे ही एक मामला लालकुर्ती में छात्रा से छेड़छाड़ का है। जहां पर लालकुर्ती सब्जी बाजार में स्कूल जा रही छात्रा पर टिप्पणी किए जाने के बाद हंगामा हो गया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी युवक का शांतिभंग में चालान किया है। आपराधिक दृष्टि से पश्चिमी यूपी अत्यंत संवेदनशील है जो राजधानी दिल्ली और समूचे प्रदेश को प्रभावित करता है।
ये हैं पिछले छह महीने का आंकड़ा
सूत्रों की मानें तो पिछले छह महीने में जोन में दुष्कर्म की 35 घटनाएं हो चुकी हैं। जबकि छेड़छाड़ के घटनाओं की आमतौर पर तो रिपोर्ट ही दर्ज नहीं की जाती है। लेकिन पुलिस आंकड़ों की मानें तो जोन में छेड़छाड़ की करीब 78 वारदातें विभिन्न थानों में दर्ज है। ये आंकड़े तो वो हैं जो कि थाने में लिखित दर्ज हैं और चीख-चीख कर महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों की पोल खोल रहे हैं।
क्या बोले आईजी प्रवीण कुमार
महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों पर आईजी प्रवीण कुमार का कहना है कि पिछले पांच सालों में महिलाओं के प्रति अपराधों में कमी आई है। महिलाओं की शिकायत पर पुलिस सख्त कार्रवाई करती है। अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं। ऐसा नहीं है कि महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं।
BY: KP Tripathi
Updated on:
24 Aug 2021, 6:29 PM IST
Published on:
24 Aug 2021, 5:57 PM IST
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