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सीबीआई में बड़ा फेरबदल: घूसकांड केस से जुड़े सभी अफसर हटाए गए, 13 अधिकारियों का हुआ तबादला

केंद्र सरकार ने सीबीआई चीफ आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया है
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नई दिल्ली

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Saif Ur Rehman

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Updated: 24 Oct 2018, 5:35 PM IST

CBI

सीबीआई में बड़ा फेरबदल: घूसकांड केस से जुड़े सभी अफसर हटाए गए, 13 अधिकारियों का हुआ तबादला

नई दिल्ली। देश की सबसे प्रमुख जांच एजेंसी सीबीआई में घमासान मचा पड़ा है। सीबीआई में दो बड़े अधिकारियों के बीच हुई वर्चस्व की लड़ाई अब अदालत तक पहुंच गई है। मोदी सरकार ने भी राकेश अस्थाना और आलोक वर्मा को सीबीआई को छुट्टी पर भेज दिया। केंद्र सरकार ने बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के 13 अन्य अधिकारियों का भी तबादला कर दिया है। इस कदम के साथ केंद्र ने सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ रिश्वतखोरी के मामले की जांच कर रहे लगभग सभी अधिकारियों को हटा दिया है। सूत्रों के अनुसार, जिन 13 सीबीआई अधिकारियों का तबादला किया गया है, उसमें अस्थाना के खिलाफ आरोपों की जांच कर रहे पुलिस उपाधीक्षक अजय कुमार बस्सी भी शामिल हैं। खबरों के मुताबिक बस्सी को 'जनहित' में तत्काल प्रभाव से पोर्ट ब्लेयर स्थांतरित कर दिया गया है। अस्थाना के विरुद्ध जांच कर रहे सीबीआई के एसी-3 इकाई के सुपरवाइजरी पुलिस अधीक्षक एस.एस. गुरम को भी तत्काल प्रभाव से मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थानांतरित कर दिया गया है।संयुक्त निदेशक (पॉलिसी) अरुण कुमार शर्मा से भ्रष्टाचार रोधी प्रमुख का प्रभार छीन लिया गया है और उन्हें अन्यत्र तैनात कर दिया गया है। अस्थाना के विरुद्ध जांच की अगुवाई कर रहे उपमहानिरीक्षक मनोज सिन्हा को नागपुर स्थानांतरित कर दिया गया है।सूत्रों के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सतीश डागर, उपमहानिरीक्षक तरुण गौबा और संयुक्त निदेशक वी. मुरुगेसन अब अस्थाना के खिलाफ प्राथमिकी की जांच को देखेंगे।

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नागेश्वर को कमान

आलोक वर्मा की जगह एम. नागेश्वर राव को अंतरिम डायरेक्टर का कार्यभार सौंप दिया गया है। बता दें कि राव सीबीआई में अभी ज्वाइंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। वहीं आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में खुद को छुट्टी पर भेजे जाने के खिलाफ याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने लिखा कि कामकाज की स्वतंत्रता के लिए CBI डायरेक्टर के 2 साल के कार्यकाल को कानूनन मान्यता मिली हुई है। केंद्र का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के CBI की आजादी को लेकर दिए गए निर्देशों के खिलाफ है।

उधर नागेश्वर राव को CBI का अंतरिम डायरेक्टर नियुक्त किए जाने पर DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन ने सवाल उठाते हुए कहा कि उनके खिलाफ CBI डायरेक्टर को कई बार शिकायतें भेजी गई थीं. ऐसी रिपोर्ट थी कि आलोक वर्मा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करवाना चाहते थे।