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ये हैं हिंदुस्तान के 26 बाल वीर, जिन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया बाल शक्ति पुरस्कार से सम्मानित

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन बच्चों से मुलाकात की।

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Kapil Tiwari

Jan 25, 2019

Rashtriya Bal Puraskar

Rashtriya Bal Puraskar

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस से चार दिन पहले देश के 26 बाल वीरों को बाल शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा 26 बच्चों को ये सम्मान दिया गया। सम्मानित होने के बाद गुरुवार को सभी बच्चों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। पीएम मोदी से मिलकर बच्चों की खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा। वहीं पीएम मोदी भी बच्चों से मिलकर उन्हीं के हो गए।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 22 जनवरी को 26 नन्हें बच्चों को बाल शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर इन बच्चों ने अपनी उपलब्धियों के बारे में बताया। साथ ही अपनी आकांक्षाओं के बारे में भी पीएम मोदी से बातचीत की।

ये हैं हिंदुस्तान के वो 26 बाल वीर

- कुमारी ईहा दीक्षित, उम्र 6 साल

सभी बाल वीरों में ईहा ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है, क्योंकि उन्होंने अपनी उम्र के हिसाब से बहुत बड़ा काम कर दिखाया है। ईहा बाल पर्यावरणविद हैं और उन्होंने शहरों में पेड़-पौधे लगाने का काम किया है। अपने पिछले जन्मदिन पर ईहा ने 2500 पौधे लगाए थे।

- मास्टर मोहम्मद सुहेल चिन्या, उम्र 18 वर्ष

जो कि 18 साल के हैं। उन्होंने कागज के प्रयोग द्वारा गैर आक्रामक ढंग से लक्षणपूर्ण प्रोटीन उर्जा कुपोषण का निदान करने के लिए सफलतापूर्वक प्रौद्योगिकी की खोज की थी। उन्हें नवाचार के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्टता के लिए बाल शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

- कुमारी अरुणिमा सेन, उम्र 18 वर्ष

इन्होंने उर्जा की बचत करने वाले स्काई स्क्रैपर के लिए एक मॉडल का विकास किया है, जो कि जौ की उपज को बढ़ाने का एक समाधान है।

- मास्टर अस्वत सूर्यनारायणन, उम्र 17 वर्ष

अंतरिक्ष अनुसंधान में इनकी गहरी रूचि है। इन्होंने कई शोध परियोजनाओं को पूरा किया है, जिसमें चुंबक से चलने वाली कायनैटिक कार शामिल है, जो कि जीवाश्म ईधन रहित होगी। इस शोध से वैश्विक कार्बन उत्सर्जन भी कम होता है।

- मास्टर नैसर्गिक लंका, उम्र 16 साल

इन्होंने पॉलीमर मैट्रिक्स में गतिहीन इष्टतम ऐंठन का प्रयोग करके दूषित मिट्टी एवं पानी के शोधन के लिए नवाचारी समाधान प्रदान किया है, जिससे न केवल चावल की फसल के माध्यम से खाद्यान में कार्सिनोजेन का प्रवेश रुकेगा, बल्कि अनाज की पैदावार भी बढ़ेगी।

- मास्टर ए यु नचिकेत कुमार, उम्र 17 वर्ष

इन्होंने पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के रूप में मानक रबर शीट तैयार की है।

- मास्टर अनीश, उम्र 16 साल

अनीश ने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है। ISSF जूनियर चैंपियनशीप 2017 में कई रिकॉर्ड कायम किए थे।

- कुमारी एंजल विजय देवकुले, उम्र 10 साल

इन्हें खेल के क्षेत्र में बाल शक्ति पुरस्कार दिया जा रहा है। इन्हें मलेशिया में होने वाली आगामी स्क्वे चैपिंयनशिप के लिे चुना गया है।

- मास्टर कार्तिक कुमार गोयल (14 साल) व कुमारी आद्रिका गोयल (6 साल)

इन दोनों बच्चों ने 2 अप्रैल 2018 को मध्यप्रदेश के मुरैना में भारतबंद के दौरान दंगों, कर्फ्यू और पत्थरबाजी में घायलों की मदद की थी। बच्चों ने ट्रेन नम्बर 18238, जिस पर दंगाईयों ने कब्जा कर लिया था, उस ट्रेन के सहमे यात्रियों को भोजन, पानी, दवाइयां और उपचार मुहैया कराया था।

- मास्टर निखिल जितुरी, उम्र 18 साल

इन्हें वीरता के लिए बाल शक्ति पुरस्कार दिया गया है। निखिल ने दो साल के बच्चे की जान कुंए में कूदकर बचाई थी।

- मास्टर माधव लवकरे, उम्र 18 साल

- मास्टर आर्यमान लखोटिया, उम्र 18 साल

- कुमारी प्रत्यक्षा बी आर, उम्र 19 साल

- मास्टर आयुष्मान त्रिपाठी, उम्र 18 साल

- कुमारी मेघा बोस, उम्र 18 साल

- मास्टर निशांत धनखड़, उम्र 16 साल

- मास्टर राम एम, उम्र 15 साल

- मास्टर देव दुष्यंतकुमार जोशी, उम्र 17 साल

- मास्टर विनायक एम. उम्र 16 साल

- मास्टर आर्यमान अग्रवाल, उम्र 17 साल

- मास्टर तृप्तराज अतुल पंड्या, उम्र 12 साल

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- कुमारी शिवांगी, उम्र 17 साल

- मास्टर आर. प्रग्गणानांधा, उम्र 3 साल ( भारत के विलक्षण शतरंज खिलाड़ी हैं)

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- मास्टर प्रियम तातेड़, उम्र 15 साल