
30 स्पेशल जवान भारतीय सेना में भर्ती, सैनिकों की सीधे कराते हैं परमात्मा से बातें
महाराष्ट्र। पुणे के इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इंटिग्रेशन (आईएनआई) से 30 धार्मिक शिक्षकों के बैच ने पासिंग परेड पास की। ये कार्यक्रम इन सभी के उतीर्ण होने के अवसर पर शनिवार को आयोजित की गई थी। से 30 भर्ती धार्मिक शिक्षकों का एक बैच पारित हुआ। इस मौके पर आईएनआई के कमांडेंट ब्रिगेडियर समीर सालुके ने परेड की समीक्षा की।
समारोह में इन्हें किया गया सम्मानित
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान कोर्स के विभिन्न पहलुओं में उत्कृष्टता के लिए सेना प्रशिक्षण कमांड के स्वर्ण पदक से नाइब सुबेदार आनंद कुमार तिवारी को और आईएनआई कमांडेंट का रजत पदक से मनाइब सुबेदार कौस्तुभ मिश्रा को सम्मानित किया।
ट्रेनिंग में कई अहम मनोवैज्ञानिक परामर्श और तनाव प्रबंधन जैसे अहम विषय शामिल
इस मौके पर कमांडेंट ने सभी प्रतिभागियों और उनके माता-पिता को पूर्व-कमीशन प्रशिक्षण पूरा करने पर बधाई दी। बता दें इस कोर्स में राष्ट्रीय एकीकरण, व्यवहार और सामाजिक विज्ञान, योग , आध्यात्मिकता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और तनाव प्रबंधन जैसे कई अहम विषय शामिल थे। बैच को संबोधित करते हुए कमांडेंट ने कहा कि यहां उत्तीर्ण हुए सैनिक न केवल धार्मिक कर्तव्यों को पूरा करते हैं बल्कि सेना इकाइयों या केंद्रों में मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता और मानसिक स्वास्थ्य सलाहकार के रूप में भी कार्य करते हैं।
1985 में हुई थी आईएनआई की स्थापना
ब्रिगेडियर सलुनके ने आईएनआई के सामने 'राष्ट्रीय एकीकरण' के माध्यम से 'राष्ट्र निर्माण' के लक्ष्य की दिशा में भारतीय सेना के प्राथमिक थिंक-टैंक और सच्चे अनुयायी के रूप में कार्य करने के लिए आईएनआई के संकल्प को दोहराया। गौरतलब है कि देश में अपने आप में एक नायाब संस्थान आईएनआई की स्थापना 1985 में हुई थी। इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य धार्मिक शिक्षकों के प्राथमिक प्रशिक्षण करना है, जिन्हें ट्रेनिंग के बाद सेना और क्षेत्रीय सेना की इकाइयों के साथ नियुक्त किया जाता है। इनमें से कुछ कर्मियों को व्यवहारिक और सामाजिक विज्ञान की भी ट्रेनिंग दी जाती है ।
Published on:
28 May 2018, 11:20 AM IST
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