
नई दिल्ली। असम के माजुली द्वीप पर वायुसेना का एक माइक्रोलाइट हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने से इसमें सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई। माजुली जिले की पुलिस ने दुर्घटना और मौतों की पुष्टि की है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुमोईमारी चपोरी में यह दुर्घटना हुई है। रक्षा विभाग और वायुसेना कर्मी माजुली के लिए रवाना हो चुके हैं। उन्होंने विमान दुर्घटना के पीछे यांत्रिक गड़बड़ी की आशंका जताई।
मुंबई में भी हुई थी ऐसी ही दुर्घटना
इससे पहले पवन हंस कंपनी का एक हेलीकॉप्टर शनिवार सुबह यहां मुंबई के जुहू हवाईअड्डे से उड़ान भरने के थोड़ी ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलीकॉप्टर में ओनएजीसी के पांच शीर्ष अधिकारी और दो पायलट सवार थे। भारतीय तटरक्षक (आईसीजे) और अन्य एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर समुद्री और हवाई तलाशी अभियान शुरू किया, और दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर के कुछ हिस्सों के अलावा चार शव बरामद कर लिए। अग्रिम नामक आईसीजे के जहाज ने अरब सागर से पंकज गर्ग नामक एक यात्री के शव सहित चार शव बरामद किए।हेलीकॉप्टर पर सवार ओएनजीसी के अधिकारियों की पहचान सर्वननन, वी.के. बाबू, जोश एंटनी, गर्ग और पी. श्रीनिवासन के रूप में हुई, और ये सभी उपमहाप्रबंधक थे।
ऐसे हुआ था हादसा
आईसीजे के एक अधिकारी ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर का मलबा ठाणे जिले के उत्तान बीच के पास पाया गया। डॉफिन हेलीकॉप्टर ने सुबह 10.20 बजे उड़ान भरी और 15 मिनट बाद ही मुंबई एटीसी और तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) दोनों जगहों से इसका संपर्क टूट गया। उस समय हेलीकॉप्टर मुंबई तट से समुद्र में लगभग 55 किलोमीटर दूर उड़ रहा था, जो अधिकारियों को ओएनजीसी के बम्बई हाई ऑयलफील्ड्स पहुंचाने के लिए एक नियमित उड़ान पर था। बंबई हाई यहां से उत्तरपश्चिम में 175 किलोमीटर की दूरी पर है। रक्षा विभाग और वायुसेना कर्मी माजुली के लिए रवाना हो चुके हैं। उन्होंने विमान दुर्घटना के पीछे यांत्रिक गड़बड़ी की आशंका जताई।
Published on:
15 Feb 2018, 5:33 PM IST
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