उन्होंने लिखा है कि जैसे ही पाकिस्तानी सेना वहां पहुंची, घायलों को शिंकियारी स्थित हरकत उल मुजाहिदीन के शिविर में ले जाया गया, जहां सेना के डॉक्टरों ने उनका उपचार किया। मारिनो ने यह भी लिखा कि मृतकों के घरवाले मीडिया में न कुछ बोल दें, इसके लिए उन्हें जैश-ए-मोहम्मद के लोगों ने नकद रुपए दिए।