
नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भले ही न हो पाया हो, लेकिन बिहार में अब सीता की जन्मस्थली को भव्य रूप देने का कार्य जल्द शुरू होने वाला है। प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद सीतामढ़ी जिले में सीता की जन्मस्थली को अब धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह कार्य इसी माह में शुरू हो जाएगा। इस कार्यक्रम में राज्य के सांसदों, मंत्रियों के अलावा गणमान्य लोगों को बुलाया गया है। यहां तक कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
सीएम नीतीश कुमार करेंगे घोषणा
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत करने वाले भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रभात झा के अनुसार यह पार्टी का नहीं, बल्कि मंदिर के लिए किया गया प्रयास है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में गणमान्य लोगों को बुलाया गया है। जबकि सीएम नीतीश कुमार भी खुद कार्यक्रम में उपस्थित होंगे। 24 अप्रैल हो आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में सीएम सीता जन्मस्थली पुनौरा धाम को धार्मिक पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा करेंगे। वहीं, दूसरी ओर राजनीतिक जानकार इस कार्यक्रम को लेकर अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं। खासकर बिहार में सांप्रदायिक हिंसा के बाद पैदा हुए सियासी टकराव के चलते कार्यक्रम का अलग मतलब निकाला जा रहा है। माना जा रहा है कि यदि सीएम नितीश कुमार सीता जन्मस्थली जीर्णोद्धार संबंधी कोई घोषणा करते हैं तो यह राज्य में बड़ा सियासी दांव होगा।
करीब 200 किमी दूरी
बता दें कि नेपाल के धानुषा में दक्षिणी तराई शहर से करीब 200 किमी दूरी पर सीता माता की जनस्थति जनकपुर है। जनकपुर में सीता मैया का एक विशाल व भव्य मंदिर है। यह भारतीय सीमा से केवल 22 किलोमीटर दूरी पर है। बताया जाता है कि 2015 में नेपाल में आए भूकंप के झटकों के दौरान यह मंदिर भी क्षतिग्रस्त हो गया था। हालांकि उसके बाद मंदिर का जीर्णोद्धार शुरू कर दिया गया था।
Updated on:
10 Apr 2018 10:29 am
Published on:
10 Apr 2018 10:29 am
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