27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अलगाववादी आसिया अंद्राबी की गिरफ्तारी के मामले में आज पटियाला हाउस कोर्ट सुना सकता फैसला

आसिया अंद्राबी सहित तीनों पर अलगाववादी गतिविधियों, भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और देश विरोधी भाषण देने जैसे कई आरोप हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Shiwani Singh

•

Updated: 1 Oct 2018, 12:20 PM IST

Aasia Andrabi

अलगाववादी आसिया अंद्राबी की गिरफ्तारी के मामले में सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट सुना सकता फैसला

नई दिल्ली। देशद्रोह और घृणा फैलाने वाले भाषण देने के केस में जेल में बंद कश्मीर के आतंकवादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की नेता आसिया अंद्राबी और दो अन्य आतंकियों की गिरफ्तारी के मामले में सोमवार को दिल्ली का पटियाला हाउस कोर्ट फैसला सुना सकता है। बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पूछाताछ के लिए आसिया को रिमांड पर लिया था।

यह भी पढ़ें- एयरसेल मैक्सिस डील केस: सीबीआई की ओर से दायर चार्जशीट पर आज सुना सकता है पटियाला हाउस कोर्ट

आसिया अंद्राबी के साथ उनकी दो सहयोगी नाहिदा नसरीन और सोफी फहमीदा भी पुलिस हिरासत में हैं। तीनों पर अलगाववादी गतिविधियों, भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और देश विरोधी भाषण देने जैसे कई आरोप हैं। हालांकि इस मामले के जांच अधिकारी एसपी विकास कठेरिया हैं, लेकिन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महिला अधिकारियों को इसके साथ जोड़ा गया है।

भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने का आरोप

एनआईए में डीआईजी सोनिया नारंग को इस मामले का प्रभारी बनाया गया है। एनआईए अधिकारी के मुताबिक, आसिया से जानकारी निकालने के लिए महिला अधिकारियों की टीम को उसके साथ रखा गया है। वहीं, भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने के आरोप को आसिया और उसकी दोनों सहयोगियों ने नकारा नहीं है। अधिकारी के मुताबिक, आसिया खिलाफ ऐसे कई सबूत भी मिले हैं, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान का झंडा लहरा कर खुले तौर पर कानूनों का उल्लंघन किया है।

यह भी पढ़ें-पाकिस्तान: रेहड़ी लगाने वाले दुकानदार के खाते में मिले 2 अरब रुपए, पूर्व राष्ट्रपति जरदारी पर शक

इन धाराओं में दर्ज हुआ है केस

बता दें कि आसिया और दो सहयोगियों पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं- 120B, 121, 121A, 124A, 153A, 153B & 505 और यूएपीए एक्ट की धारा 18, 20, 38 & 39 के तहत केस दर्ज किया गया है। एनआईए के मुताबिक, दुख्तरान-ए-मिल्लत धर्म के नाम पर विभिन्न समुदायों में शत्रुता, नफरत और दुर्भावना फैलाने की कोशिश कर रही है।